बेइंतहा प्यार (04/16/2026)

अप्रैल १६, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९७९

                          बेइंतहा प्यार 

संसार की हर वस्तु, व्यक्ति, और स्थान
बनता है आध्यात्मिक जीवन में इम्तहान
विकारों के ग़ुलाम बन जाना नहीं मजबूरी है
बल्कि अपने गुरु की आज्ञा में रहना ज़रूरी है।

गुरुजी ही लेते हैं इम्तहान
गुरुजी ही करते हैं फ़ैसला
गुरुजी को है हर इंसान की पहचान
गुरुजी सदा करते हैं सबका भला।

गुरुजी की याद बख्शती है वो चेतना
जो रखती है हमें सतर्क
गुरुजी की याद बख्शती है वो मस्ती
कि कोई क्या सोचता है ना पड़े फ़र्क़।

क्यूँकि गुरुजी की पसंद मायने रखती है हर काम में
गुरुजी की याद संग रहती है काम में और आराम में
गुरुजी ख़ुश रहें हम से, यही जीवन का उद्देश्य जाये बन
गुरुजी को ही अर्पित करते रहें हम अपना हर करम
और गुरुजी पर ही केंद्रित रहे जीवन का हर क्षण
तो इधर उधर भटके ही ना ये मन।

गुरुजी के चरणों में हर इम्तहान और निर्णय
गुरुजी के चरणों में ही हर श्वास की लय
जाने की ज़रूरत ही नहीं यहाँ वहाँ
गुरुजी के चरणों में मिल जाये वो जहाँ
जिसका रूह को है इंतज़ार
जिस से रूह को है बेइंतहा प्यार।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

बेइंतहा प्यार (04/16/2026)

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