मई ३१,२०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏 # ३०२४
आपकी याद में…
गुरुजी, आपकी याद में बीत रहा है हर दिन
ना जानूँ क्या करती आपकी याद के बिन
कितना शुक्र करूँ आपका आपकी याद के लिए
जिसके संग मेरे अंतस में उज्जवल रहते हैं आपके नाम के दीये।
कभी कभी जब लगता है कि आप हैं दूर
उसी पल कहीं न कहीं किसी रूप में नज़र आता है आपका नूर
आपकी शारीरिक मौजूदगी की कमी अक्सर महसूस होती है ज़रूर
किंतु यूँ समाया है मेरे रोम रोम में आपके नाम का सुरूर
कि आपकी कृपा से मैं चलती जाती हूँ
आपके नाम से हिम्मत पाती हूँ।
आपका हर स्वरूप
है आपका साक्षात रूप
हर स्वरूप में छलकती है
आपकी दिव्य छवि अनूप।
आपसे बातें हो पाती हैं
आपकी तस्वीरें भी लीला दिखाती हैं
हिलते हैं कभी कभी आपके लब
और आप मुस्कुराते हैं जब
तो इतना हसीन हो जाता वह पल
मानो हर दुख गया हो टल।
देखकर आपको पिछली रिकॉर्डिंग में
कैसे समझाऊँ मुझे कैसा लगता है
लेकिन आप तो हर तरह से सर्वज्ञानी हैं
मेरी हर सोच के भी तो अंतर्यामी हैं।
आप गए हैं कहीं नहीं
जब जहाँ करूँ याद आप होते हैं तब वहीं
इतनी प्रतापी है आपकी रूहानी आकृति
कि मेरी अपनी पहचान उसी में है खो गई
शुकराना मेरे मालिक आपका
कि मैं आपकी हूँ हो गई।
हर आँसू जो मेरा छलके, वो हो आपकी याद में
मेरी हर मुस्कराहट भी आप पर क़ुर्बान
मेरा श्वास श्वास कर्ज़दार है आपका, मेरे करुणानिधासन कभी ना भूलूँ आपको याद करना, मेरे मालिक मेहरबान।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
आपकी याद में… (05/31/2026)