गुरुजी की संगत (06/05/2026)

जून ५,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०२९

                       गुरुजी की संगत

गुरुजी की संगत है इक फुलवारी
गुरुजी को हर कली है प्यारी
हर फूल से करें वे प्यार
पूरी फुलवारी पर बरसाते हैं अपना दुलार।

गुरुजी ही हैं इस फुलवारी के बागबान
हर कली और फूल का वे रखते हैं ध्यान
कब मिलनी है उन्हें छाओं या धूप
कैसे निखारना है उनका रूप
कैसे करना है उनका पोषण
कैसे रोकना है उनका शोषण
ये सब जानें और करें गुरुजी महाराज
जो रखते हैं फुलवारी की लाज।

छोटी सी थी ये फुलवारी शुरू हुई थी जब
इसमें अनेकों कलियाँ और फूल जोड़ते गए वे रब
आज भी गुरुजी की दया से फुलवारी होती जा रही है बड़ी
उन्ही की ममता से रहती है ये हरी भारी।

फुलवारी हर पल गुरुजी की कृपा पर है निर्भर
गुरुजी की मेहर का है हर फूल, हर कली पर असर
गुरुजी की लीला से मुरझाये फूल भी जाते हैं खिल
सारी फुलवारी को गुरुजी का अमृत जाता है मिल।

मौसम भी बदलते हैं, अक्सर आते हैं आंधी तूफ़ान
कई फूल पत्ते झड़ जाते हैं
कुछ श्रद्धा और सबूरी से फुलवारी में ही रह जाते हैं
कई कमज़ोर पड़ जाते हैं और हवा के संग बह जाते हैं।

जब हर कली और फूल का आता है अंतिम समा
तो भी वे लेते हैं वहीं की माटी में पनाह
अगले जन्म मिलने तक वहीं खो जाते हैं
गुरुजी के चरणों में सो जाते हैं।

फुलवारी का हर फूल
है गुरुजी के चरणों की धूल
परम पूज्य गुरुजी करुणानिधान
कर रहे हैं फुलवारी का कल्याण।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

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