ितंबर २१, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३१३७
ज़रूर हो सकता है कल्याण भी पूरा
दवा छूटे तो रोग हो जाता है प्रबल
रोग के कारण इंसान हो जाता है निर्बल
गुरुजी के नाम और जप में है वह औषधि
जिससे मन और रूह को मिले गति और मति
वरना ना बढ़ेगा मनोबल, और विकारों का रोग सताता रहेगा
पाप नष्ट ना होंगे, क्लेश कोलाहल मचाता रहेगा।
गुरुजी के सत्संग और सिमरन से
बुद्धि होने लगती है पवित्र
लंगर प्रसाद और चाय प्रसाद औषधि रूप हैं
गुरुजी की लीला है ऐसी विचित्र।
इस औषधि को ग्रहण किया जाये जितनी श्रद्धा से
होता है उसका उतना ही प्रभाव
इस औषधि का कण कण अमृत रूपी है
चाहिए तो लेने वाले के भीतर श्रद्धा का भाव।
वैराग्य भोग से
छुटकारा रोग से
या कम से कम रोग की पीड़ा से
यकीनन मुमकिन है गुरुजी की लीला से।
इतना कुछ करते हैं हम अपने सुख के लिए
गुरुजी के आशीष बिन सब है अधूरा
पूरण गुरु हैं गुरुजी, उनके मार्गदर्शन पर चलें
तो ज़रूर हो सकता है कल्याण भी पूरा।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
ज़रूर हो सकता है कल्याण भी पूरा (09/21/2026)