आपकी बातें ना हों जहाँ (09/26/2026)

ितंबर २६, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४२

                                 आपकी बातें ना हों जहाँ 

परम पूज्य गुरुजी महाराज,

आपकी बातें ना हों जहाँ
मन नहीं लगता वहाँ
वहाँ पर मन ही मन आपसे करती हूँ बात
क्यूँकि आप होते हैं वहाँ भी साथ
और आपकी बातें हो रही हों जहाँ
एक अलग सा ही चाव होता है वहाँ…
आपकी बातें सुनकर और कहकर
आपके गुणगान के वातावरण में रहकर
मन आपके स्तवन के गीत गाता है
मालूम ही नहीं चलता समय कब बीत जाता है।

आपसे हो गया है इतना प्यार
कि लफ़्ज़ों में ना हो पाये बयान
दिल की धड़कन पर है आपका राज
आप हैं प्राणों के रक्षक, गुरु मेहरबान।

जो जो सिखाया आपने
जो जो दिखाया आपने
वो सब ना पहले कभी था सीखा या देखा
आपकी शरण में आकर जाना
कि आप तो बदल सकते हैं हाथ की भी रेखा।

अभी भी हूँ मैं तो बहुत अनजान
अभी भी हूँ मैं बहुत नादान
अक्सर हो जाती हूँ परेशान
लेकिन फिर चेहरे पर लाता है मुस्कान
आपका सत्संग और आपका गुणगान
जिसमें सदा होता है आपकी लीला का बखान।

फिर से मुझे आ जाता है याद
कि मेरे साथ हैं आप और आपका आशीर्वाद
और मैं हूँ इतनी भाग्यवान
कि मेरे अंग संग हैं आप करुणानिधान।

आपका गुणगान होता रहे पूरे संसार में
सभी भीगें आपके आशीष की बारिश की बौछार में
सभी डूबते रहें आपके पावन प्यार में
सभी खो जायें आपके नाम के ख़ुमार में।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरूजी 🙏🙏
धीरजा

आपकी बातें ना हों जहाँ (09/26/2026)

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