दरिया (09/27/2026)

ितंबर २७, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४३

                              दरिया 

ये रिश्ता जो है गुरुजी के साथ
ये दरिया है प्रेम का पावन
बहते बहते हर क्षण
ये सूखी बनाता है जीवन।

प्रेम का ये दरिया बहुत गहरा है
यहाँ गुरुजी का बड़ा पहरा है
पूरी निगरानी है तुम पर
छुप ना सकोगे गुम कर।

साथ साथ नज़र के
तुम पर हैं उजाले गुरुजी की नदर के
जो हैं सहारे तुम्हारे सफ़र के
क्योंकि तुम मोहताज हो गुरुजी की मेहर के।

गुरुजी तो देते हैं अपना निस्वार्थ प्यार
तुम भी उन्हें प्यार देना भूल ना जाना
याद रहे कि ये दरिया
है ये बहुत उम्दा ज़रिया
गुरुजी तक पहुँच पाने का
पूरी तरह से उनका हो जाने का।

ना शर्तों का मिश्रण
ना शिकायत भरा मन
शुक्राना का भाव
गुरु प्रेम का चाव
दिल ही दरिया
दरिया ही दिल
ऐसे प्रेम में ही
शांति सकती है मिल
इस प्रेम से
वो संतोष होगा हासिल
जो नहीं मिल सकता कहीं और
चाहे इधर उधर लो दौड़।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

दरिया (09/27/2026)

Leave a comment