ितंबर २८, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३१४४
बीते कल के चिंतन में…
बीते कल के चिंतन में
वर्तमान को ना गँवाओ
गुरुजी का चिंतन करते चलो
और आगे बढ़ते जाओ।
परमार्थ में आ सकती है बाधा
अगर त्रुटि हो जाये व्यवहार में
इसलिए सतर्क रहकर जीना सीखो
अनेक रंगों के इस संसार में।
आत्म-अनुशासन और सरलता
विवेक और कोमलता
निवांपन और निर्मलता
ऐसा चरित्र ना हो केवल कुछ पल का।
बल्कि ये सारे गुण
अपने चरित्र में बुन
इनका सदा करना होगा सदुपयोग
बेशक भुगत रहे हो भोग।
ज़रूरी है सत्य से रिश्ता जोड़े रहना
ज़रूरी है मन को गुरुजी की ओर मोड़े रहना
वरना इस संसार के आकर्षण
बन कर विकर्षण
तुम्हें कहीं गुमराह ना कर दें
और भी अहंकार से ना भर दें।
इसलिए हर पल में संजो कर गुरुजी की याद
हर पल उनके नाम से करते रहो स्वयं को आबाद
ना तुम रहोगे और ना ही रहेगी कोई ताम झाम
रहेगा तो केवल गुरुजी का नाम।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
बीते कल के चिंतन में… (09/28/2026)