…अब की बार (10/09/2026)

अक्तूबर ९, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१५५

                               …अब की बार 

छुपी तेरी मौन मुस्कुराहट में
गम की जो आहट है
उसे सुन रहे हैं गुरुजी महाराज
उनसे ना छिपा कोई राज़।

तू बेशक ना कह पाये उनसे
वे जानते हैं सब
तेरी हर सोच, हर तमन्ना
और तू क्या करता है कब।

शामिल है उनकी बख्शीश
शामिल है उनका आशीष
हैं वे तेरे साथ
थामे तेरा हाथ
तेरी ज़िंदगी के सफ़र के हर कदम पर
इसलिए तू अकेले होने का ना गम कर।

इसमें नहीं है संशय
कि रुकता नहीं है समय
बेशक लंबा लग रहा है इंतज़ार
तू मान ना लेना हार
तेरे अंग संग हैं गुरु सरकार
ज़रूर दूर होगा जीवन का अंधकार
रोशनी कर रही है तेरा इंतज़ार अब की बार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

…अब की बार (10/09/2026)

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