जैसी आपकी मर्ज़ी (10/22/2026)

अक्तूबर २२, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१६८

                      जैसी आपकी मर्ज़ी 

परम पूज्य गुरुजी महाराज,

जैसी आपकी मर्ज़ी, मेरी भक्ति वैसे चलाना
आपके अलावा मेरा ना कोई आश्रय ना कोई ठिकाना
ना लूँ आश्रय लोगों का, घर परिवार का या इस तन का
ना लूँ आश्रय किसी पदार्थ का या धन का
अरे, मुझे मिला है आश्रय आप भगवन का
आपसे जुड़ने में लाभ उठाऊँ हर क्षण का।

आपकी रुचि हो तो कराना सिमरन
आपकी रुचि हो तो ले चलना गहरे ध्यान में
आपको लगे सही तो अपना चिंतन कराना दिनचर्या के दौरान
मैं अपनी ओर से सच्ची कोशिश करूँ, देना ऐसी मत का दान।

घर परिवार ने हमेशा नहीं रहना संग
पदार्थ, तन और धन भी हैं नाशवान
लोग तो बदलते हैं जैसे मौसम जाते हैं बदल
पदार्थ और सुविधाओं भी आज हों, ना हों कल।

स्वास्थ्य का भी भरोसा नहीं
ना जाने कब आ जाये कोई रोग
आपसे जुड़ाव के लिए
ज़रूरी नहीं साधन का भोग।

एक आपका आश्रय
यही है अनंत और अखंड
आप मुझे अपने पर आश्रित रखियेगा सदा
जिस भी तरह से आपको हो पसंद।

अपनी शरण में रखना सदा
मेरे प्यारे गुरु सरकार
आप ही मेरा आश्रय हैं
आप मेरे प्राणों का आधार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

जैसी आपकी मर्ज़ी (10/22/2026)

Leave a Reply