स्वयं अपना हाथ रखें करुणानिधान (07/21/2026)

जुलाई २१, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०७५

                                 स्वयं अपना हाथ रखें करुणानिधान 

ओम में गुरुजी
रोम रोम में गुरुजी
घर परिवार में गुरुजी
संसार में गुरुजी
रूहानी तार में गुरुजी
हर पल गुरुजी अंग संग रहें।

सुख में गुरुजी, दुख में गुरुजी
मन में गुरुजी, मुख पर गुरुजी
भीतर बाहर के हर रूख में गुरुजी
बस गुरुजी ही गुरुजी रहें।

जैसी भी हो मन की स्थिति
जैसी भी हो परिस्थिति
जो भी हो बात या तिथि
बस “शुक्राना गुरुजी” ही कहें।

गुरुजी से ही श्वास
भीतर हो गुरुजी का वास
तो निर्मल हो निवास
मिटता रहे हर त्रास
गुरुजी महसूस हों पास
फिर क्यों दिल हो उदास
सदा हो खुशी का एहसास
सिमरन की लगी रहे प्यास
जीवन हो कितना खास
बनकर गुरुजी का दास।

ऐसा हो जाये जो जीवन
तो प्राप्त हो अविनाशी धन
गुरुजी महाराज के सानिध्य का निरंतर
गुरुजी के दर की सेवा पाकर।

गुरुजी की कृपा से बनें ऐसे धनवान
तो चूर हो जाये झूठा अभिमान
गुरुजी के चरणों में मिले जो स्थान
तो असर कैसे किया जाये बयान
जिसका तन, मन, रूह हो गुरुजी के चरणों तले
उसके सिर पर स्वयं अपना हाथ रखें करुणानिधान।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

स्वयं अपना हाथ रखें करुणानिधान (07/21/2026)

गुरुजी का नाम (07/20/2026)

जुलाई २०, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०७४

                        गुरुजी का नाम 

गुरुजी का नाम जिस जिसने लिया
उनका नाम अमृत जिस जिसने पिया
गुरुजी का आशीर्वाद पाकर जो जिया
उसका तो नसीब खिल गया।

गुरुजी का नाम है अमृत
गुरुजी का नाम है औषधि
गुरुजी का नाम है पावन
गुरुजी के नाम को नमन
इक बार नहीं, बल्कि बारम्बार
क्यूँकि गुरुजी का नाम देता है तार
करता है जपने वाले का बेड़ा पार
करता है भीतर के असुर पर वार…

और भीतर के मल को हटाकर
अंतस् के अँधेरे को मिटाकर
भीतर भर देता है ऐसा प्रकाश
कि हर संशय का होता है विनाश…

गुरुजी का नाम है शिव का नाम
ये है तीरथ का धाम
गुरुजी की नदर
लाती है असर
उनके नाम से टूटने लगते हैं पाश
फिर तो क्या ज़मीं और क्या आकाश
चेतना भरती है उड़ान अनंत की ओर
थामे हुए इसी नाम की डोर
हर बंधन के पार
बनाकर नाम को आधार।

गुरुजी का नाम लाए रूह पर भी निखार
यही है हर विस्तार का सार
रूह ही है अविनाशी और अमर
दरअसल ये है रूह का ही सफ़र
जो नाम से हो शुरू
और नाम पर ही हो मुकम्मल
यही सत्य है आज, यही सत्य था कल
और इसी सत्य से सजेगा आने वाला कल।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

गुरुजी का नाम (07/20/2026)

सिर झुका कर उनके द्वारे (07/19/2026)

जुलाई १९, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०७३

सिर झुका कर उनके द्वारे

जो हमारे मन की स्थिति जानें बिन बोले हमारे
सिर कैसे ना झुके उनके द्वारे?
वे तो हमसे ज़्यादा जानते हैं हमें
इसलिए क्यों ना दें उन्हें अधिक से अधिक समय?

कुछ ऐसा ही है जीवन
कि आते जाते रहेंगे विकर्षण
अनिवार्य है गुरुजी का हमारे प्रति आकर्षण
जिसके लिए हमारा प्रयास ज़रूरी है हर क्षण।

कर्मकांड से नहीं, ना ही अंधविश्वास से
परंतु हमारी श्रद्धा और विश्वास से
निरंतर रहकर गुरुजी की याद में
तृप्त रहकर गुरु प्रसाद में
रहकर उनके प्रति शुकराना की भावना में
ना कि सदा किसी माँग की पूर्ति की कामना में।

क्षमा याचना से
प्रेम पूर्ण प्रार्थना से
करते रहना होगा प्रयास
अगर है गुरुजी को पाने की आस।

गुरुजी ही हैं शाश्वत संगी
जिसकी जिंद्री उनकी याद में रहे रंगी
उसका गुरुजी से मिलन होगा ज़रूर
बड़े दयावान हैं वे हुज़ूर।

गुरुजी की प्राप्ति जो बन जाये जीने का मक़सद
तो भक्त पार कर ले हर हद
गुरुजी के सहारे
सिर झुका कर उनके द्वारे।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

सिर झुका कर उनके द्वारे (07/19/2026)

कोई औक़ात नहीं इंसान की (07/18/2026)

जुलाई १८, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०७२

                                     कोई औक़ात नहीं इंसान की 

भगवान के सामने कोई औक़ात नहीं इंसान की
लेकिन जो हम संगत हैं गुरुजी करुणानिधान की
उन्हें मिलता है गुरुजी महाराज से जो लाड और प्यार
उसके योग्य भी नहीं, तो भी मिलता है वो बेशुमार।

ये गुरुजी महाराज की रहमत है
है ये उन्ही की वड़ियायी
हर पल कितनी संगत को बख़्शते हैं वे
अपनी नदर और अपनी गुरूयायी।

है वो गुरुजी का प्यार
जो करता है संगत का बेड़ा पार
है वो गुरुजी की ममता
जो देती है हर भक्त को क्षमता
सदाशीलता की राह पर चलते रहने की
गुरुजी के प्रेम में बहने की।

है वो गुरुजी की दी सुमत और चेतना
जो भक्त को देती है आगे बढ़ने की प्रेरणा
है वो गुरुजी की निर्मल नदर
है वो उनकी मेहर-ए-नज़र
जो सोए भाग्य जगाती है
जो प्रारब्ध को कटवाती है।

ये सोचना है बहुत बड़ी नादानी
कि हम चला रहे हैं अपनी ज़िंदगानी
क्यूँकि अपनी स्वतंत्र इच्छा के अलावा
कुछ और नहीं वश में हमारे
ये तो हमारे गुरुजी का प्रताप है
जिस से हैं हमारे वारे न्यारे।

इक श्वास पर भी चलता नहीं है हमारा ज़ोर
इक पल ज़िंदा, तो क्या मालूम अगले पल टूटे साँसों की डोर
और गुरुजी महाराज फ़रमाते हैं हमारी छोटी से छोटी बात पर भी ग़ौर
फिर क्यों जाना ऐसे गुरु को छोड़ कर कहीं भी और?

गुरुजी गुरु भी हैं भगवान भी
न्यायाधीश भी और करुणानिधान भी
उनके कमल चरण में निश्चित है
सुरक्षा भी, और सम्पूर्ण कल्याण भी।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

कोई औक़ात नहीं इंसान की (07/18/2026)

…पहुँचोगे किनारे पर (07/17/2026)

जुलाई १७, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०७१

                                        …पहुँचोगे किनारे पर 

असफलता तुम्हे ना सकेगी तोड़
अगर सच्चे मन से चल पड़ोगे गुरुजी की ओर
क्यूँकि गुरुजी तुम्हारी ओर सैंकड़ों कदम बढ़ायेंगे
तुम्हें असफलता के पार लेकर जायेंगे।

हर शिकायत, हर इंकार दूर हो जाएगी
स्वीकार करोगे तो ऐसी सकारात्मकता आएगी
कि तुम्हें अपनी हार से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा
और एक नई चेतना का सुंदर फूल खिलेगा।

सीखना ना छोड़ना, ना छोड़ना प्रयास
गुरुजी पर क़ायम रखना विश्वास
सफ़र में जो भी पड़े सहना
तुम आत्मा-बोध करते रहना।

तुम हो खुशनसीब
सफलता है क़रीब
हर अनुभव से सीखते चलो तुम
ना होना दुनियादारी में गुम।

बेशक है कलयुग का कोलाहल
पर तुम्हारे कष्ट रहे हैं टल
क्यूँकि गुरुजी महाराज कृपा रहे हैं कर
इसलिए उनके शुक्राना में जोड़ लो अपने कर
और हर पल, हर पहर गुरुजी को याद कर
उनकी मेहर का उन्हें धन्यवाद कर
जारी रखो अपना सफ़र
सब गुरुजी पर छोड़ कर
रंग लाएगी गुरुजी की मेहर
बीच मजधार से पहुँचोगे किनारे पर।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

…पहुँचोगे किनारे पर (07/17/2026)

चल रहा था मुसाफ़िर… (07/16/2026)

जुलाई १६, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०७०

                                       चल रहा था मुसाफ़िर…

चल रहा था मुसाफ़िर
होकर बेख़बर
कि उसे कोई मिलेगा
और उसका नसीब खिलेगा।

उसके जीवन में था इक ख़ालीपन
किसी को ढूँढता था उसका मन
पर वो ना पाता था समझ
जितना सोचता था, जाता था उतना ही उलझ।

गुज़रता रहा समय
अब उसे होने लगा संशय
कि कौन है वो जो है इतना शक्तिमान
जिसके लिए उसका मन हो रहा है यूँ परेशान?

मुसाफ़िर महसूस कर रहा था स्वयं को गुमराह
मिल नहीं रही थी उसे सुलझन वाली कोई राह
फिर उसे सम्भालने आए शहंशाहों के शहंशाह
और मुसाफ़िर के मन में ना रही बाक़ी कोई और चाह।

बैठा था वह इक रात इक जलाशय के किनारे
नाकामयाबी से गिनते हुए आसमान में तारे
हवा चल रही थी मंद मंद
उसकी आँखें होने लगीं बंद
तभी किसी ने उसका सिर छुआ
मुसाफ़िर को बहुत आश्चर्य हुआ।

उसकी आँखों से उसी पल बहने लगे आँसू
उसे लगा कि उस अनजान व्यक्ति ने छू ली उसकी रूह
उसके हाथ जुड़ गए नमस्कार में
उसे लगा दर्शन दिए हैं पर्वरदिगार ने।

सही था उसका ये अनुमान
क्यूँकि उसके समक्ष खड़े थे भगवान
गुरुजी महाराज के रूप में वे लग रहे थे शहंशाह पराक्रमी
मुसाफिर चुप था, लेकिन बोल रही थी उसकी आँखों की नमी।

ये सब सपना है, मुसाफ़िर को लगा
फिर उसे लगा कि वह नींद से जगा
बिन किसी के कुछ बोले हुआ दोनों के बीच वार्तालाप
मुसाफ़िर को लगा कि धुल गए उसके कई जन्मों के पाप।

“कौन हैं आप, जो लागें मुझे इतने महान और शक्तिमान?”
“आपके दर्शन पाकर तो होने लगा है मेरा कल्याण।”
कहा मुसाफ़िर ने गुरुजी महाराज से बहुत प्यार से
“मैं धन्य हो गया आपके दीदार से।”

गुरुजी महाराज ने स्वयं में
मुसाफ़िर को अनेकों देवी देवता के कराये दर्शन
मुसाफ़िर अनुग्रह से झुकता गया
और छू लिए उसने गुरुजी महाराज के चरण।

गुरुजी महाराज हुए अंतर्धान
मुसाफ़िर अब नहीं था परेशान
गुरुजी की महिमा से हुई थी उसकी पहचान
उसने उन्हें अपना आराध्य लिया मान।

गुरुजी की याद से रहा उसका मन आबाद
उसे बड़े मंदिर जाने का मौका मिला बरसों बाद
उसे पहली बार मिला गुरुजी का चाय प्रसाद और लंगर प्रसाद
उसने किया गुरुजी का तहे दिल से धन्यवाद।

गुरुजी मुसाफ़िर पर करते रहे नदर
बिन संशय, बिन उलझन के बीता उसका सफ़र
मुसाफ़िर ने गुरुजी के आशीष के महत्व को जान
उनसे अर्ज़ी की कि वे करें सभी का कल्याण।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

चल रहा था मुसाफ़िर… (07/16/2026)

गुरुजी की याद में रहकर… (07/15/2026)

जुलाई १५, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०६९

                                    गुरुजी की याद में रहकर…

गुरुजी की याद में रहकर
ख़ुद को सम्भालें
वरना शांत ना हो पायेगा मन
बढ़ती जाएगी उलझन।

गुरुजी की याद में रहकर
स्थिर होने लगेगा मन
मिलने लगेगी सुलझन
सहज होने लगेगा जीवन।

सहजता और सादगी होगी जीवन में
स्थिरता और शांति होगी मन में
बढ़ौती होगी रूहानी धन में
तो आनंद की उमंग होगी हर क्षण में।

युग परिवर्तन के समय में
कुछ भी नहीं है गुरुजी की याद से ज़्यादा सुखदायी
अनंत है उनके नाम के महासागर की गहराई
जो इसमें डूब गया, वो पा लेगा खुदाई
ऐसी है गुरुजी की वड़ियायी
वे स्वयं हैं खुदा और उनकी आभा है खुदा का नूर
गुरुजी से अरदास है कि वे कभी न करें अपने से दूर।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

गुरुजी की याद में रहकर… (07/15/2026)

शुक्र आपका… (07/14/2026)

जुलाई १४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०६८

                       शुक्र आपका…

परम पूज्य गुरुजी महाराज,

शुक्र आपका कि आप साथ रहते हैं हर कदम पर
यूँ ही साथ रहिएगा जीवन भर
और अगले हर जनम में
मार्गदर्शन कीजियेगा मेरा मेरे हर करम में।

कभी ना हटाइएगा अपनी निगाह मुझ पर से
कभी ना दूर कीजियेगा मुझे अपने दर से
जो पाऊँ वो पाऊँ आपके दिए वर से
हर आशीर्वाद मिले मुझे आपके कल्याणकारी कर से।

मेरे लिए आप ही ईश्वर हैं
आप ही हैं गुरु पूरण
आपका दिया हर प्रसाद
मेरे लिए है अनमोल धन।

आपसे ही मेरा रास्ता, आप ही मेरी मंज़िल
आपकी याद बिन अब कहीं ना लागे मेरा दिल
जब से आपके रूप में दिखे हैं भगवान
मैं स्वयं को महसूस करती हूँ बहुत धनवान
देते रहिएगा संतोष और सब्र का दान
आप में ही रमे रहें मेरे प्राण।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

शुक्र आपका… (07/14/2026)

कर लो तुम आत्म-मंथन (07/13/2026)

जुलाई १३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०६७

                                        कर लो तुम आत्म-मंथन 

गुरुजी ने बख़्शा है सिमरन
कर लो तुम आत्म-मंथन
हो जाएगा पवित्रीकरण
साफ़ हो जाएगा मन
मन बन जाएगा काबिल गुरु प्रसाद पाने को
ग्रहण करने कृपा के ख़ज़ाने को।

पहले प्रतिकूल ख़याल भी आयेंगे
विचारों के तूफ़ान भी सतायेंगे
जारी रखना तुम आत्म-मंथन के प्रयास को
गुरुजी की कृपा से दूर होने देना हर अध्यास को।

क्यूँकि अध्यास है मृगतृष्णा के समान
होने नहीं देता मूल का ज्ञान
केवल गुरु कृपा से होता है इस ज्ञान का अनुमान
और इसी ज्ञान से सफल होते हैं प्राण।

बाकी सब दुनियावी ज्ञान है
दुनिया में रहने के लिए तो है आवश्यक
लेकिन रूहानी ज्ञान पाने के लिए
ज़रूरी है कोशिश अथक।

कलयुग में कष्टों का पलड़ा है भारी
और गुरुजी अपनी लीला से करा रहे हैं हमारी तैयारी
रमने की उनकी बंदगी में
ताकि हम ना तड़पें ज़िंदगी में।

जो उनकी याद में रहेगा मस्त
जो उनके सिमरन में रहेगा व्यस्त
उसे कलयुग कम सतायेगा
क्यूँकि भक्ति का पलड़ा भारी हो जाएगा।

क्यूँकि समय ने युगों का नियम तो है चलाना
युगों ने अपनी बारी से है आना और जाना
सबसे सुरक्षित ठिकाना है गुरुजी की शरण
हर समय सुखदायी हैं गुरुजी के कमल चरण।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

कर लो तुम आत्म-मंथन (07/13/2026)

सफ़ाई रखनी ज़रूरी है… (07/12/2026)

जुलाई १२, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०६६

                                      सफ़ाई रखनी ज़रूरी है…

सफ़ाई रखनी ज़रूरी है
बाहर, घर, और आँगन की
आत्मा, तन, और मन की
कमायी करनी ज़रूरी है
गुरुजी के नाम के धन की।

इस धन से मिटेगी असल ग़रीबी
यह धन लायेगा खुशनसीबी
यही साथ भी जाएगा
और वहाँ भी काम आयेगा।

गुरुजी की याद को दिल में बसाए
उन्हें चेतने में चित्त को लगाए
लेकर हर श्वास में गुरुजी का नाम
होता है ख़ुद का सम्पूर्ण कल्याण।

गुरुजी की याद में है मंगल
इस से बढ़ता जाता है मनोबल
क़ाबू में होती है अस्थिरता और हल-चल
कष्ट भी जाते हैं टल।

गुरुजी की याद से रूह को मिलता है आराम
गुरुजी की याद में रहकर जो भक्त करे हर काम
उसके मंगल का गुरुजी स्वयं करते हैं इंतज़ाम
बेशक उसे देने पड़ें इम्तहान
गुरुजी रहते हैं उसके साथ
बिन छोड़े उसका हाथ
हर घड़ी, हर पल
आज और कल।

गुरुजी की याद है अनमोल
गुरुजी सुनते हैं दिल के बोले हुए बोल
वे सुनते हैं हर अर्ज़ी, हर गुज़ारिश
वे जानें भक्त की हर ख़्वाहिश।

गुरुजी की याद से अकेलापन रहे सदा के लिए दूर
गुरुजी की याद से तन, मन, रूह पर चढ़े गुरुजी का नूर
आत्मसात कर के गुरुजी की याद की दीवानगी, उनकी याद का फ़ितूर
तुम कभी ना महसूस करोगे अपने को गुरुजी से दूर।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

सफ़ाई रखनी ज़रूरी है… (07/12/2026)