तुम्हारा ये अकेलापन (09/10/2026)

ितंबर १०, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१२६

                                   तुम्हारा ये अकेलापन 

तुम्हारा ये अकेलापन
ये है गुरुजी का निमंत्रण
उनकी शरण में
उनके कमल चरण में।

ये सज़ा नहीं बल्कि है आशीर्वाद
इसके लिए करो गुरुजी का धन्यवाद
ये है ऐसा अनमोल एकांत
जिसमें तुम्हारा मन होगा शांत।

कोलाहल बढ़ता रहेगा वरना
मुश्किल होता जाएगा तरना
कहीं हो ना जाये देर
दूर ना होती जाये सवेर।

बाहर के कलयुगी स्पंदन ने
किया है तुम्हारे मन पर असर
झुका लो गुरु चरणों में शीश
वहीं पर मिलेगी गुनाहों की भी बख़्शीश।

क्यूँकि बेशक तुम हो अनजान
तुम हो दुनिया में रहने वाले इंसान
हुए होंगे तुमसे जो अनुचित कर्म और पाप
गुरुजी की मर्ज़ी हुई तो वे कर देंगे माफ़।

गुरुजी की शरण में तुम हो सुरक्षित
तुम्हारे कलह क्लेश जायेंगे मिट
उनके कमल चरण में है तुम्हारा हित
ये है निश्चित।

मिटाओ अपना अकेलापन
करो गुरुजी के सानिध्य का आलिंगन
स्वीकार लो गुरुजी का निमंत्रण
ये सबको नहीं मिलता है
और जिसे मिल जाता है ये
उसका नसीब अवश्य खिलता है।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

तुम्हारा ये अकेलापन (09/10/2026)

दिन भी गया बीत… (09/09/2026)

ितंबर ९, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१२५

                                   दिन भी गया बीत…

दिन भी गया बीत
रात भी गई गुज़र
मौसम बदलते गए
चलता जा रहा है सफ़र
कब उम्र जाएगी गुज़र
और जड़ में मिलेगा ये शरीर जड़
ना जानूँ मैं, ना जानो तुम
सभी हैं प्रपंच में गुम।

हैं बीच हमारे
ऐसे कुछ विरले जन
जो अपनी कोशिश और गुरु कृपा से
गुरुजी के गण गए हैं बन
क्यों ना उनसे लेकर प्रेरणा
सम्मानित करके अपनी चेतना
चल दें उनके रास्ते
अपने मंगल के वास्ते।

बहुत सुंदर है संसार
बहुत प्यारा है घर परिवार
पर ये ना काम आयेंगे उस पार
जहाँ रूह का सफ़र रहेगा बरकरार।

आने वाले दिन रात ना जायें बेकार
सही मौसम का ना करें इंतज़ार
गुरुजी को याद करने के लिए श्रेष्ठ है हर मौसम
उनका नाम भजने के लिए उत्तम है हर वेला, हर क्षण
बल्कि हर वेले और मौसम का सदुपयोग करना है तो
दिनचर्या के साथ गुरुजी की याद में जाओ खो
अच्छा हो या बुरा, समा अच्छे से कट जाएगा
मन में जो होगा कोई संशय, तो वह भी मिट जाएगा
स्पष्टता आती रहेगी
दुविधा जाती रहेगी
गुरुजी की दया बरसाती रहेगी
हम पर रहमतें कई हज़ार
और गुरुजी की मेहर-ए-नज़र से
होता रहेगा हमारा उद्धार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

दिन भी गया बीत… (09/09/2026)

गुरुजी ने तुम्हें चुना है (09/08/2026)

सितंबर ८, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१२४

                               गुरुजी ने तुम्हें चुना है 

गुरुजी ने तुम्हें चुना है
अपनी संगत है बनाया
उनका गुणगान करो
ना करो व्यर्थ में वक़्त ज़ाया।

कोई अपनी मर्ज़ी से नहीं पहुँच सकता गुरुजी के पास
ये होता है गुरुजी का ही बुलावा ख़ास
उसे साधारण मौक़ा ना लेना समझ
और अहम में ना जाना उलझ।

गुरुजी ने तुम्हें तारने के लिए बुलाया है
तुम्हारे उद्धार के लिए रास्ता दिखाया है
तुम्हें कर्म करते हुए ना जाने हुए कितने जनम
रात दिन अक्सर विचलित होता है तुम्हारा मन
ऐसे में मिली है जो गुरुजी की शरण
तो कमा लो उनके नाम ध्यान का धन।

विरलों को मिलता है ये सुख
गुरु चरणों में समर्पित करो हर चिंता और दुख
वैसे भी और कोई है नहीं उनके सिवा
जिसके पास हो तुम्हारे मर्ज़ की दवा।

गुरुजी ही वैद्यनाथ हैं
वे ही विश्वनाथ हैं
वे ही शाश्वत नाथ हैं
वे ही सदा साथ हैं।

उनके चरणों में लगाओ लगन
उनकी याद में रहो मगन
मंगलकारी है उनका स्तवन
करो उनकी स्तुति हर क्षण।

सोते जागते करो गुरुजी को याद
उनका सानिध्य है अनमोल आशीर्वाद
बाक़ी सब संगी-साथी मौसम के जैसे रहेंगे आते जाते
और वक़्त के साथ भर जाएँगे तुम्हारे कर्मों के खाते
केवल गुरुजी कर सकते हैं तुम्हारा खाता साफ़
केवल वे कर सकते हैं तुम्हें माफ़
वे चाहें तो लेखा लिख देंगे दोबारा
ख़ुशक़िस्मती से तुम्हें मिला है उनका सहारा
तुम्हारे कल्याण का हो चुका है आरम्भ
अपनी ओर से ना करो विलंब
गुरुजी से जुड़े रहने का जारी रखो प्रयास निरंतर
गुरुजी दीनदयाल हैं और बहुत दयालु है उनका दर।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

गुरुजी ने तुम्हें चुना है (09/08/2026)

उनपर ही जाऊँ वारी (09/07/2026)

ितंबर ७, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१२३

                                  उनपर ही जाऊँ वारी

गुरुजी पर मैं वारी जाऊँ
उनकी याद में जीती जाऊँ
उनकी दीवानगी में खोती जाऊँ
उन्ही की मैं होती जाऊँ।

गुरुजी ने समझा दिया
कि बाक़ी हर कोई है पराया
हालात बिगड़ने पर
कोई काम ना आया
बेशक क़ायम है दोनों तरफ़ा प्यार
किंतु कर्मों का भार कर देता है यूँ लाचार
कि कुछ जन चाह कर भी मदद ना कर पाते हैं
और कुछ बुरे समय में ना जाने कहाँ चले जाते हैं।

किंतु गुरुजी महाराज सदा रहते हैं साथ
बेशक जैसे भी हों हालात
जब से उन्होंने थामा है मेरा हाथ
तब से उनका सानिध्य मिला है दिन रात।

इस रिश्ते में वह स्थायित्व और ठहराव है
जो और किसी रिश्ते में नहीं मुमकिन
मेरा तो अस्तित्व ही नहीं
मेरे प्यारे गुरुवर के बिन।

रंगती रहूँ उनकी रंगत में
शामिल रहूँ उनकी संगत में
बनकर दयालु गुरुजी की दुलारी
मैं सदा उनपर ही जाऊँ वारी।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

उनपर ही जाऊँ वारी (09/07/2026)

मेरे परम पिता पूरण गुरु (09/06/2026)

सितंबर ६, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१२२

                                  मेरे परम पिता पूरण गुरु 

ना जागी थी ना सोयी
गुरुजी के ख़यालों में थी खोयी
गुरुजी से हो रही थी बात
ना जानूँ दिन था या थी रात
है याद कि मैं थी गुरुजी के साथ
मेरे सिर पर था उनका हाथ
इस रूहानी अनुभव में आनंद आ रहा था
दिल इतना सुकून पा रहा था
मन गुरुजी का गुणगान गा रहा था
और साथ ही मुस्कुरा रहा था।

गुरुजी की रूहानी खुशबू के सिंधु में
डूब कर तर रहा था मेरा हर श्वास
गुरुजी की दृष्टि थी मुझ नाचीज़ पर
ये एहसास था इतना अनमोल और खास।

गुरुजी के दिव्य नूर के तेज से
रोशन हो रहा था वह स्थान
गुरुजी ने मुझे अपने चरण का स्पर्श करने दिया
ये भी था उनकी दया का दान।

गुरुजी की मेहर से चरणोदक जो मिला
मेरा चेहरा और मेरा हृदय खिला
गुरुजी भी इतने प्रेम से मुस्कुराए
कि मेरे नेत्रों में दीन भाव के अश्रु आए।

तभी मेरे अंतस की आँखों के समक्ष
अलौकिक उजाला दिखा प्रत्यक्ष
और मैंने स्वयं को बैठक में पाया
जहाँ पर गुरुजी में ध्यान था लगाया।

गुरुजी का शुक्राना कर के
मैं उठी करने दिनचर्या शुरू
सदाशिव के स्वरूप हैं
मेरे परम पिता पूरण गुरु।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

मेरे परम पिता पूरण गुरु (09/06/2026)

बौछार (09/05/2026)

ितंबर ५, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१२१

                                   बौछार 

तुम में शिवत्व है
तुम हो सम्पूर्ण स्वयं
तुम्हारे भीतर वास करते हैं भगवन
ये हकीकत है, ये नहीं है भ्रम।

तुम परिपूर्ण हो
संतोष और सुख से
इसे दूषित ना होने दो
दुनियावी दुख से।

गुरुजी की याद में रहोगे जितना
ये दुख कम सतायेगा
वक़्त का दरिया बहते बहते
उसे अपने संग बहा ले जाएगा।

दुनिया में हो जब तक
दुनियावी दुख सुख आयेंगे तब तक
इन्हें भीतर ना करने देना वास
वहाँ है तुम्हारे आराध्य देव का निवास।

उन्हें सर्वसमर्पण करने के सिवा
नहीं है तुम्हारे पास कोई और विकल्प
जब तक सर्वसमर्पण ना होगा
तब तक व्यर्थ है बाक़ी हर संकल्प।

गुरुजी से जोड़े रखो सीधी रूहानी तार
अपने भीतर ना समाओ दुनियावी संसार
वो तो क्षणभंगुर है, पर गुरुजी हैं शाश्वत
वे ही बख्शेंगे तुम्हे मत और पत
उनके पास है बख़्शीशों का अनंत भंडार
सही समय पर तुम पर भी होगी इनकी बौछार।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

बौछार (09/05/2026)

प्रार्थना (09/04/2026)

ितंबर ४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१२०

                                                     प्रार्थना

अपने दिल की बात गुरुजी को सुनाओ
गुरुजी के समक्ष उनके गुण तुम गाओ
गुरुजी ने थामा तुम्हें और आगे भी है थामना
तुम करते रहो उनसे प्रार्थना।

प्रार्थना है वह छाता
जो सुरक्षित रखे भक्त और गुरु का नाता
प्रार्थना है वह आवरण
जिसमें शांत रहे मन
बेशक बाहर कुछ भी हो रहा हो
आवरण ना हो तो मन तो जाये खो।

प्रार्थना है वह सागर
जिसकी लहरें करती हैं गुरुजी से बात
प्रार्थना से ही शुरू हो हर दिन
प्रार्थना से ही खत्म हो हर रात
और बीच बीच में भी प्रार्थना
साथ में शुक्राना की भावना
हर पल, हर घड़ी
बेशक सामने मुश्किल भी हो खड़ी।

प्रार्थना है वह रास्ता
जिससे क़ायम रहे गुरुजी से वास्ता
प्रार्थना से तन, मन, आत्मा हों प्रभावित
प्रार्थना से गुरुजी को चेते जिसका चित्त
उसे मिले सहनशीलता और शक्ति
जो है माड़े समय को झेलने की युक्ति।

प्रार्थना में जो हो निर्मल नींवां भाव
प्रार्थना में जो हो चाव और लगाव
तो गुरुजी संग जुड़ा रहे भक्त
चाहे हो उसका अच्छा या बुरा वक़्त
शुक्राना और अरदास
करें प्रार्थना में वास
साथ में जो हो गुरुजी को पाने की आस
तो प्रार्थना हो जाये और भी खास।

गुरुजी सुनते हैं प्रार्थना
वे जानते हैं भक्तों की भावना
वे जानते हैं भक्तों की कामना
करते रहना तुम उनसे प्रार्थना।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

प्रार्थना (09/04/2026)

कृपासिंधु

सितंबर ३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३११९

                            कृपासिंधु 

कृपासिंधु हैं सतगुरु सुंदर
बसे हुए तुम्हारे भीतर
सो कर मिलन के लम्हे व्यर्थ ना गँवाओ
गुरुजी के संग वक़्त बिताओ
अब तो जाओ जाग
निद्रा को दो त्याग
तुम्हारा शरीर जड़ है पर आत्मा है चेतन
क्यों भूल जाता है ये तुम्हारा मन?

गुरुजी के नाम में है कृपा प्रसाद
इसके समक्ष फीका है हर संसारी स्वाद
सेवा, सिमरन, सत्संग से मिलती है शक्ति
निखरती जाती है भक्ति
बढ़ने लगता है समर्पण का भी भाव
और गुरूजी की याद में रहने का चाव
इसी में है सुख और संतोष असल
इसलिए कर लो जीवन सफल।

करते रहो हर फ़र्ज़ अदा
पर गुरुजी से तार जुड़ी रहे सदा
ये है बहुत ज़रूरी
ताकि बढ़ ना जाए उनसे दूरी।

कृपा सिंधु के आँचल में समा जाना
वही तो है रूह का अंतिम आशियाना
बाक़ी हर दर, हर घर में तुम हो मेहमान
इस सत्य से ना बनो अनजान।

तुमने गुरुजी की छवि मन में है बसायी
ये भी है स्वयं गुरुजी की ही वड्डीयाई
असीम है उन कृपासिंधु की गहराई
जिनमें कृपा की अनगिनत बूँदें हैं समायी।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

कृपासिंधु (09/03/2026)

करते रहिए रहम (09/02/2026)

ितंबर २, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३११८

                        करते रहिए रहम 

परम पूज्य गुरुवार,

करते रहिए रहम
लगाते रहिए मरहम
अपने नाम की
ताकि भरते रहें ज़ख़म।

क्यूँकि जब तक है ये तन
जब तक है ये जीवन
होते रहेंगे ज़ख़्म
बनते रहेंगे कर्म।

मेहर कीजिए दाता
कि आपको सर्वसमर्पण कर सकूँ
भाव बख्शिये दाता
कि आपका शुक्राना करती हुई ना थकूँ
क्योंकि जो आपने ना लिया होता अपनी शरण में
जो आप साथ ना होते जन्म मरण में
तो लाचारी की सीमा ना होती
किसके चरणों में हँसती और रोती?

आपके चरणों में सुकून भी है और आराम भी
लेकिन आपके ही चरणों में हैं इम्तहान भी
आपकी यह अद्भुत लीला कल्याण की
सिर आँखों पर इस नादान की
जैसे आपका हुकुम
जो मानती रहूँ हर दम
आपके ही आशीर्वाद से
सदा श्रद्धा के जज़्बात से।

आपके दिए श्वास से है ये जीवन
आपके नाम से उपवन है ये मन
आपकी कृपा से मिटे हर भ्रम
आपको है शत शत नमन।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

करते रहिए रहम (09/02/2026)

है मेरा प्राण आधारा (09/01/2026)

ितंबर १, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३११७

                               है मेरा प्राण आधारा 

है मेरा प्राण आधारा
मेरा सतगुरु प्यारा

सतगुरु के बिना जी ना पाऊँ मैं
वे हैं अंग संग जहाँ भी जाऊँ मैं
वे हैं सदा सहारा
मेरा सतगुरु प्यारा।

मेरा तो मन हर पल
गुरुजी में मगन रहे
उन्ही की कृपा से ही
उनमें लगन रहे
दया से भरा है उनका द्वारा
मेरा सतगुरु प्यारा।

दुनिया से बेपरवाह हूँ
गुरुजी की चाह है ऐसी
उन तक मैं पहुँच पाऊँ
हो मेरी राहें ऐसी
उनके बिन जीना नहीं गवारा
मेरा सतगुरु प्यारा।

ख़ुशबू जो आए उनकी
मैं मुस्कुराती हूँ
गुरुजी आए मेरे
मैं समझ जाती हूँ
ख़ुशबू से घर भर जाये सारा
मेरा सतगुरु प्यारा।

उन्ही के प्यार में अब
बाँवरी रहती हूँ
जो भी दिल में होता है
उन्ही से कहती हूँ
आते हैं जब भी मैंने पुकारा
मेरा सतगुरु प्यारा।

है मेरा प्राण आधारा
मेरा सतगुरु प्यारा।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

है मेरा प्राण आधारा (09/01/2026)