जीवन के दिन… (08/13/2026)

अगस्त १३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९८

                                      जीवन के दिन…

जीवन के दिन जैसे जैसे रहे हैं गुज़र
शुक्राना से दिल पहले से भी ज़्यादा रहा है भर
क्यूँकि सामना करना हर पल का, प्यारे गुरुजी
नामुमकिन था आपके सहारे बिन
चाहूँ तो भी आपकी रहमतें ना पाऊँ गिन
हर लम्हा है आपका दिया
और उस लम्हे में जो जीवन मैने जिया
वह भी है आपकी बख़्शीश से
आपके ही आशीष से।

कुछ ना हो पाये बिन आपकी रहमत के
कुछ ना हो पाये बिन आपकी दी सुमत के
आपकी मेहर की हूँ मोहताज
मेरे लिए सब कुछ हैं आप ही, मेरे सरताज
आपका निग्रह है मेरे हर श्वास पर
कभी ना भूलूँ मैं आपका दर
ये भी आपकी करुणा है कि पहुँच पाती हूँ वहाँ
वरना आज ना जाने मैं होती कहाँ।

पावन बुद्धि, भीतर और बाहर की शुद्धि
बख़्शते रहिए, गुरुजी महाराज
जो अपनाने लगूँ ग़लत रास्ता
जो छूटने लगे आपसे वास्ता
तो रोक लेना मुझे
टोक देना मुझे
भूलूँ ना आपको और आपके वचन को
आपके मार्गदर्शन पर जियूँ अपने जीवन को।

आपके सानिध्य में बीते जीवन
आपके चरणों में गुज़ारूँ हर क्षण
मानती चलूँ आपके वचन
तो सँवर जायेगा मेरा जनम मरण।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

जीवन के दिन… (08/13/2026)

आपकी होने लगी… (08/12/2026)

अगस्त १२, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९७

                               आपकी होने लगी…

परम पूज्य गुरुवर मेरे,

आपकी होने लगी आप में खो के
शिवरूपी महसूस करने लगी आपकी प्रेम की लौ से
आपकी दया के लिए शुक्रिया
आपने अपने में खोने का मौक़ा दिया।

भीगने लगी हूँ आपकी कृपा की बरसात में
सुकून पाने लगी हूँ आपकी दी हर दात में
ना जाने सोई हूँ या जगी हूँ
आपके प्रेम के वश में होने लगी हूँ
आपकी याद से ही परिपूर्ण रहता है मेरे जीवन का हर पल
मेरे बिन बोले ही कष्ट जाते हैं टल
आप अनमोल लम्हे बख़्शते हैं रूहानी दीदार के
प्याले पिलाते हैं अपने अमृत रूपी प्यार के
जल और चाय प्रसाद के रूप में
आशीष देते हैं लंगर प्रसाद अनूप में।

आपने अपने से मुझे जोड़ा है जब से
जीवन ही बदल गया है तब से
अकल्पनीय उतार-चढ़ाव
आपको याद करते रहने का चाव
मन में आपके प्रति ऐसा भाव
जैसा ईश्वर के प्रति पहले कभी ना हुआ
पर आपकी लीला ने रूह को यूँ छुआ
कि अब आपकी याद के बिन जीना नहीं गवारा
अच्छा लगता है हर वह नज़ारा
जहाँ आपको देख पाऊँ तन मन के लोचन से
कोशिश रहती है कि कहती रहूँ हर जन से
कि ईश्वर का स्वरूप हैं मेरे गुरुजी महाराज
ब्रह्माण्डों के शहंशाह हैं मेरे गुरुवर सरताज।

हो सकता है कई लोग सोचते हों कि मैं हूँ दीवानी
सच भी है ये क्यूँकि आपकी दीवानी है ये निमाणी
इस दीवानेपन में है अनोखा सुख और संतोष
इस दीवानेपन में ही रहूँ मदहोश
कभी अपने से दूर ना करना, मेरे सरकार
चाहे में रहूँ इस पार या उस पार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

आपकी होने लगी… (08/12/2026)

समय बड़ा अनमोल रे प्यारे (08/11/2026)

अगस्त ११, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९६

                                               समय बड़ा अनमोल रे प्यारे 

समय बड़ा अनमोल रे प्यारे
समय सच में अनमोल बड़ा
गुरुजी से प्यार बढ़ा ले बंदे
क्यों जागते हुए सोया है खड़ा।

है तू ऊपर से जागा
पर गुरुजी के सिमरन से है भागा
इधर-उधर यहाँ-वहाँ का ध्यान
किया नहीं गुरुजी का गुणगान।

कल भी बीत गया तेरा ऐसे
आज भी रहा है गुज़र
कल भी आकर यूँ ही चला ना जाये
अभी से ही सुधार ले अपना सफ़र।

जिन्होनें दिए हैं प्राण
सौंप दे उन्हें उन्ही के कमल चरण में
ऐसा नहीं कि सिर्फ कुछ चाहिए तो
दौड़ कर आजा उनकी शरण में।

उन्ही की शरण को जान ले निवास
दुनिया में ना होगा हमेशा वास
उनकी शरण में कल्याण है यहाँ और वहाँ
बेशक चला जा तू जहाँ।

जब ऐसा है तो उनकी याद में रहना तेरा फ़र्ज़ है
भूल नही की तुझ पर जिन कर्मों का क़र्ज़ है
तू ना जाने, परंतु वे जानते हैं
तुझे पूरी तरह से वे पहचानते हैं।

हर श्वास में गुरुजी का चिंतन
गुरुजी की बातें और उन्ही के विचार
काम में और आराम में
सुख पा ले उनके नाम में।

समय तो यकीनन जाएगा गुज़र
गुरुजी की याद से सफल होगा तेरा सफ़र
केवल गुरुजी तेरे अंग संग रहेंगे हर पल, हर पहर
उनके नाम से निर्मल कर ले साँसों की बहती नहर।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

समय बड़ा अनमोल रे प्यारे (08/11/2026)

ऐ जन , गुरुजी के गुण तू गाये जा (08/10/2026)

अगस्त १०, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९५

ऐ जन , गुरुजी के गुण तू गाये जा

ऐ जन , गुरुजी के गुण तू गाये जा
गुरुजी को प्रेम भाव से बुलाये जा
गुरुजी के करीब तू आए जा
सभी को गुरुजी की महिमा सुनाये जा।

ना भूलना गुरुजी की याद में रहना
गुरुजी की महिमा करते हुए सबसे कहना
कि गुरुजी की याद से है ज़िंदगी
कि गुरुजी की याद से है बंदगी।

गुरुजी ने तुझे अपना लिया
अपनी संगत में शामिल किया
तुझे सदा सहारा है दिया
फिर क्यों संशय में है तेरा जिया?

प्यारे जन, कर दे गुरुजी को सर्वसमर्पण
उन्ही में मग्न रख तू अपना मन
उन्हें चलाने देगा तू जो अपना जीवन
तो हार मान लेगी हर अर्चन
और लागी रहेगी जो गुरुजी में तेरी लगन
तो सुख पायेंगे तेरी रूह और तेरा तन।

गुरुजी अपने निर्णय से बढ़ायेंगे तुझे रूहानी रास्ते पर
तेरी रूह सीखेगी हर अनुभव से जीवन भर
और गुरुजी अपनी कृपा से रूह को देंगे यूँ संवार
कि उनका नूर तेरी रूह को भी देगा निखार
रूह का सफ़र होगा सुहेला
और तू कभी ना महसूस करेगा अकेला।

ऐ जन, तू है बहुत ख़ुशक़िस्मत
गुरुजी के चरणों में समर्पित कर दे मत्त और पत
महादेव का सदाशिव रूप हैं गुरुजी महाराज
शुक्र कर कि तुझे संभाल रहे हैं गुरुवर सरताज।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

ऐ जन , गुरुजी के गुण तू गाये जा (08/10/2026)

शुक्राना आपका, मेरे गुरुवर (08/09/2026)

अगस्त ९, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९४

                                    शुक्राना आपका, मेरे गुरुवर 

शुक्राना आपका, मेरे गुरुवर
मुझे अपने से आपने जोड़ा
दुनियावी रिश्तों में मोह था जो मेरा
वह धीरे धीरे आपने तोड़ा
अब भी ये सिलसिला है जारी
आप करा रहे हैं तैयारी
अपने ही तरीके से
रूहानी सलीक़े से।

बाक़ी सब कुछ
व्यर्थ सा लगने लगा
जब से ये चित्त मेरा
आपको चेत कर जगा।

रंग मंच है ये
आई हूँ निभाने किरदार
आप ही जन्म दाता हैं
आप ही ले चलेंगे भवसागर के पार।

पहन कर सुरक्षा कवच आपके नाम का
नैनों में समाये सपना आपके धाम का
आपके चरणों में झुका कर अपना माथा
आपको सौंप दूँ अपने जीवन की गाथा
मुझे सदा अपना बनाकर रखना, मेरे मुर्शिद, मेरे दाता
आप ही मेरे प्रभु, पिता, मेरे मीत, और मेरी माता।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

शुक्राना आपका, मेरे गुरुवर (08/09/2026)

सागर में डोलती नैया को जैसे… (08/08/2026)

अगस्त ८, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९३

                                 सागर में डोलती नैया को जैसे…

सागर में डोलती नैया को जैसे
दिख गया हो किनारा
ऐसा लगा मुझे जब मिला मुझ नाचीज़ को
परम पूज्य गुरुजी महाराज का सहारा।

नैया को झेलने पड़े सागर में आए तूफ़ान
मेरे जीवन भी आते रहते हैं इम्तहान
कैसे बताऊँ, कैसे कैसे
उस नैया के जैसे।

जानती हूँ सबके जीवन का है अलग क़िस्सा
ख़ुशियों और गम ने बांटा हुआ है अपना अपना हिस्सा
पर जब से गुरुजी के बारे में मैने जाना
तब से अद्भुत हुआ ये अफ़साना।

सैंकड़ों तूफ़ान के बीच भी एक ठहराव
मन का हर पल गुरुजी की ओर बहाव
मुश्किलों के बावजूद विश्वास गहरा
कि गुरुजी का मुझपर सदा है पहरा।

गुरुजी के करीब होते जाना
गुरुजी महाराज को पाना
जीने का मक़सद गया बन
कहता है इस नैया का मन।

जानती हूँ कि मुझे गुरुजी को होगा रिझाना
गुरुजी ही बनायें मुझे इस क़ाबिल
वैसी बनती जाऊँ जैसा गुरुजी चाहें
आरज़ू करे ये दिल।

इसके लिए ज़रूरी है जैसा भाव
और चाहिए जैसा चाव
वो बख़्श दें गुरुजी महाराज करुणानिधान
मुझे नन्ही नाचीज़ नैया जान।

नैया की दौड़ किनारे तक
मेरी मेरे सहारे तक
गुरुजी महाराज हैं वो अखंड सहारा
मुझ नैया का शाश्वत किनारा।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

सागर में डोलती नैया को जैसे… (08/08/2026)

तुम तैयारी करते चलो… (08/07/2026)

अगस्त ७, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९२

                                        तुम तैयारी करते चलो…

तुम तैयारी करते चलो धर्मयुग के स्वागत की
गुरुजी तुम्हें देते चलेंगे बख्शीश सुमत की
भक्ति का बीज फसल उपजाएगा ज़रूर
वो समय अब नहीं है दूर।

गुरुजी की सेवा, गुरुजी का सत्संग और सिमरन
गुरुजी की महिमा का गुणगान
इन सबके द्वारा होता रहेगा तुम्हारा कल्याण
क्यूँकि हर पल अंग संग हैं गुरुजी करुणानिधान।

ख़त्म होगी कलयुग की रात
होगा धर्मयुग का प्रभात
झाँक कर देखो तो सही झरोखे से तुम
रोशनी होने लग रही है, अंधेरा होने लगा है गुम।

रखना होगा अनुशासन जीवन में
पोषित करना होगा उत्साह मन में
प्रेरणा पिरो कर परिश्रम में
मन को रखना होगा संयम में।

सकारात्मक सोच से लो काम
सतर्क रहो, लेते रहो गुरुजी का नाम
इस वक़्त का सामना करने वाले तुम अकेले नहीं हो
कुछ जन आगे बढ़ने की कोशिश में हैं, कुछ रहे हैं खो।

तुम गुरुजी महाराज के भरोसे चलते चलो
उनसे सीधी रूहानी तार जोड़े हुए
बेफिक्र बेपरवाह होकर वक़्त के साँचे में ढलो
गुरुजी के नाम की चुनरी ओढ़े हुए।

लापरवाही ना करना
चुनौतियों से ना डरना
धर्मयुग की ओर देना अपना योगदान
करते रहना गुप्त सेवा, गुप्त पाठ, गुप्त दान।

पालन करते रहना गुरुजी के हर वचन का
ना छोड़ना कोई भी मौक़ा उनके चिंतन का
गुरुजी की भावपूर्ण भक्ति से तुम पाओगे वो शक्ति
जो उनकी कृपा से बनेगी तुम्हारी सफलता की सुन्दर युक्ति।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

तुम तैयारी करते चलो… (08/07/2026)

कल ना गया तो आज चला जा (08/06/2026)

अगस्त ६, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९१

                                     कल ना गया तो आज चला जा 

कल ना गया तो आज चला जा
बंदे, तू अपने भीतर
कल ना जाना तूने , तो आज जान ले
क्या है तेरे अंदर।

बाहर देखता रहा है तू
अपनी स्थूल आँखों से
मन की आँखों से भीतर देख ले तू अब
वहीं मिलेंगे तुझको रब।

अपने भीतर झाँक कर ही
अपनी मैल आएगी नज़र
हैरान हो जाएगा कि कैसे
इस गंदगी को रखता चला भीतर
और गुज़ारता रहा ये सफ़र…
यकीनन इस मैल का हुआ असर
तेरी सोच पर, और तेरे करम पर
सारे के सारे जीवन पर
रूह पर भी और तन पर
चित्त पर भी और मन पर।

भीतर खोजते खोजते
मैल की मिट्टी खोदते खोदते
सफ़ाई होती जाएगी
खामियों की ढेरी नज़र आएगी
जिसे गुरुजी का सिमरन
करता जाएगा कम
और फिर बनती जाएगी भीतर
ऐसी जगह, साफ़ और सुंदर
जहाँ होंगे विराजमान
गुरुजी महाराज जहाँपनाह
उनका दिव्य नूर निराला
भीतर करेगा उजाला ही उजाला
तुझे भी वे आयेंगे नज़र
तेरे ही भीतर।

शुरू हो चुका है सफ़र
अब तू रुकना नहीं
आ जायें रास्ते में विकर्षण
तो तू उनके समक्ष झुकना नहीं
गुरुजी तो करते हैं सब पर महर
तू भी कोशिश करता चल हर पहर।

जब पहली बार आयेगा वो वेला
कि तेरा उनसे मिलन होगा सुहेला
फिर यूँ हो जाएगी तेरी दशा
कि तुझे हो जाएगा भीतर झाँकने का नशा
और होता रहेगा निरंतर तेरा पवित्रीकरण
अद्भुत चेतना में बीतेगा फिर जीवन
और गुरुजी सदा महसूस होंगे तुझे अंग संग
ऐसा हो जाएगा तेरे जीवन का ढंग।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

कल ना गया तो आज चला जा (08/06/2026)

अमृत के कुंड में स्थान (08/05/2026)

अगस्त ५, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९०

                                                    अमृत के कुंड में स्थान 

मिला है अमृत के कुंड में स्थान
गुरुजी महाराज के कमल चरण में
आनंद के समुंदर में कर रहे हो स्नान
गुरुजी महाराज की पावन शरण में
ज़रूरत नहीं यहाँ से जाने की और कहीं
यहाँ जैसा सुख कहीं और नहीं।

गुरुजी के चरणारविंदों का पाकर सहारा
तुम हो गए हो निहाल
भक्त ने गुरुजी को पुकारा हो या ना हो पुकारा
गुरुजी बनते हैं उसके लिए सुरक्षा की ढाल।

गुरुजी जिसे लेते हैं स्वीकार
निश्चित है उसका उद्धार
किसी का जल्दी, किसी का थोड़ी देर से
क्यूँकि हम सब ग्रस्त हैं कर्मों के हेर फेर से।

गुरुजी महाराज के चरणोदक का कुंड है कोमल
यह कोमल कुंड है अति-निर्मल
यह शुद्ध कुंड है अति-शीतल
यह भक्तों की हर पीड़ा का है हल।

इस औषधि रूप अमृत में आशीर्वाद है सनातन
इसके द्वारा गुरुजी संवारते हैं संगत का जनम मरण
इस कुंड में भीगते हुए बीत जाये जिसका जीवन
रूह के संग उसका तो यकीनन तर जाये तन और मन।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

अमृत के कुंड में स्थान (08/05/2026)

असीम महासागर (08/04/2026)

अगस्त ४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०८९

                      असीम महासागर 

गुरुजी महाराज हैं असीम महासागर
उनकी लहरें हैं हम सब
वे चाहे जितनी लहरें बना लें
किंतु हम सब मिल कर भी ना बना पायें रब।

नहीं है कोई औक़ात हमारी
गुरुजी महाराज के बिन
हम तो हर बूँद के लिए हैं उनकी मोहताज
और वे रब के रूप में करें हम सब पर राज।

क्यूंकि अनंत लहरों के भी पार
है गुरुजी का विस्तार
और हर लहर को मिले प्यार
गुरुजी से अपरंपार।

लहर में मैल और धूल भी हो
तो भी गुरुजी उसे ले लेते हैं अपने आँचल में
अपने बल से साफ़ कर के लहर को
अपने में ही समा लेते हैं अगले पल में।

युगों युगों से गुरुजी प्यारे
बुलाकर हमें अपने द्वारे
करते हैं हम लहरों के वारे न्यारे
और बने रहते हैं हमारे सहारे।

सिवा अपने मल रूपी कर्मों के भार के
हम लहरें गुरुजी रूपी महासागर को और क्या दे पायें
समर्पण कर अपना अस्तित्व गुरुजी को
क्यों ना उनके सदा हम गुण गायें?

वे महासागर पराक्रमी
हम में हर तरह की कमी
फिर भी मालिक अपनाते हैं
हमें अपना ही हिस्सा बनाते हैं
अपनी रहमतों के रत्नों से
हमारा क़िस्सा सजाते हैं।

ऐसे महासागर को
झुक कर शुक्राना तो कर ही सकती है हर लहर
आख़िरकार, गुरुजी महाराज ही हैं जिनकी कृपा से
हम निर्भय होकर बहती रहती हैं हर पहर।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा