ओम नमः शिवाय (05/21/2026)

मई २१,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०१४

                      ओम नमः शिवाय 

ओम नमः शिवाय
ये है शांति और स्थिरता का उपाय
बैठ के भी और चलते फिरते जप लो
ओम नमः शिवाय।

ओम नमः शिवाय
भीतर सकारात्मकता लाये
आत्म-विश्वास बढ़ाये
उत्साह को भी ये जगाये।

ओम नमः शिवाय
इसमें अभय दान समाये
विवेकशीलता अंकुरित हो जाये
साधक एकाग्रचित हो पाये।

चिंता चिंतन में परिवर्तित हो जाये
आंतरिक ऊर्जा की धुन बजती जाये
आसपास भी फैले एक ऐसा नूर
कि मायूसी होने लगे दूर।

रहते चलो गुरुजी की याद में
और व्यस्त रहो जाप में
भाव से बोलो
चाव से बोलो
वश में कर लो मन को
सफ़र कर लो जनम को।

गुरुजी ने भक्तों को बतलाया
ओम नमः शिवाय शिवजी सदा सहाय
और संगत ने भक्ति भाव से गुनगुनाया
ओम नमः शिवाय गुरुजी सदा सहाय
कृपालु गुरुजी ने उसे भी स्वीकारा
और सारी संगत का जीवन है सँवारा।

गुरुजी सदाशिव हैं स्वयं
इसमें नहीं है कोई भ्रम
दोनों ही गुरुजी के मंत्र बने सारी संगत के वास्ते
ओम नमः शिवाय दोनों में है, ये बात बहुत ही खास है।

गुरुजी की याद में मरना जीना
गुरुजी के नाम का अमृत पीना
गुरुजी से ही है ये सारा जहाँ
गुरुजी से ही है हर संगत की दास्ताँ।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

ओम नमः शिवाय (05/21/2026)

गुरुजी की कृपा (05/20/2026)

मई २०,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०१३

                        गुरुजी की कृपा 

ज़रूरी नहीं की गुरुजी की कृपा शोर बन कर आये
हो सकता है वो जीवन का एक नया दौर बन कर आए
या फिर एक संतोषजनक परिस्थिति
या फिर बन कर मन की शांत स्थिति।

या सुलझी हुई मत बनकर
या लौटी हुई पत बनकर
या निरोगी काया का रूप लेकर
या शरद ऋतु में धूप लेकर।

गुरुजी के प्रति शुक्र हर श्वास से
पूजना गुरुजी को विश्वास से
ये सभी उनकी कृपा के बिन
एक पल के लिए भी नहीं हैं मुमकिन।

कष्ट भी आयें तो उनकी कृपा की
बदौलत
क्यूँकि वे हैं कर्मों के फल के दाता
कर्म ना कटेंगे तो आगे कैसे बढ़ेंगे
ये ज्ञान भी गुरुजी से है मिल पाता।

सुख में भी और दुख में भी
गुरुजी की कृपा समाई है
दुख का सामना करने की हिम्मत
संगत ने गुरुजी से पायी है।

गुरुजी की कृपा बेशक कभी कभी हो अदृश्य
किंतु ये यकीनन संवार रही है संगत के जीवन का दृश्य
इस बात में नहीं है कोई संशय
इसका प्रमाण देता है समय
सही समय आता है जब
और भक्त समझ पाये, तब
और गुरुजी ही जानें वो समय होता है कब
क्यूँकि वे केवल गुरु नहीं हैं, वे तो हैं रब।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

रास्ता अपने घर का (05/19/2026)

मई १९,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०१२

                      रास्ता अपने घर का 

आत्मा के जागने की आवाज़
यही है ये तेरी बेचैनी का राज़
सुनने की कोशिश कर तू इस आवाज़ को
तू समझ पायेगा इस राज को।

आ गया है तेरे जीवन में समय
पुराने कई भ्रम टूटने का
कई संगी साथियों के रूठने का
कई आदतों के छूटने का।

दिखेगा तुझे दिखावे के भीतर का खोट
दिल को पहुंचेगी चोट
घबराना मत तू ऐसा होने से
ये ज़्यादा अच्छा है भीड़ में खोने से
बल्कि ख़ुश हो कि ऐसा हो गया है तेरा चित्त
कि दिखावे की ओर नहीं होता आकर्षित
अवस्थाएँ हैं ये सब, तुझे लाने गुरुजी के और भी क़रीब
क्यूँकि जितना उनके क़रीब होगा, उतना खिलता जाएगा तेरा नसीब।

ना जाने तुझे लगें होंगे कितने जनम
यहाँ तक पहुँचने के वास्ते
हर जनम में तू चला होगा
ना जाने कितने रास्ते
नज़दीक आ रही है वह मंज़िल
जहाँ गुरुजी बख़्श रहें तुझे ऐसा मनोबल
कि तेरी आत्मा जागृत हो जाये
क्यूँकि तभी शुरू होगा वह अध्याय
जो देगा एक मंगलमय करवट तेरे जीवन को
जो देगा शुभ प्रेरणा तेरे अंतःकरण को
और तेरी आत्मा निखरती जाएगी
परमात्मा के करीब आएगी
वही तो है आत्मा का अपना
पूरा होना है उनसे मिलने का सपना
यही तो है उद्देश्य सफ़र का
कि आत्मा को मिल जाये रास्ता अपने घर का।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

रास्ता अपने घर का (05/19/2026)

भगवान के स्वरूप की पहचान (05/18/2026)

मई १८,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०११

               भगवान के स्वरूप की पहचान 

जिन्होंने बख़्शा है आशीर्वाद का आसमान
जो गुरु के रूप में हैं भगवान
जिनके लिए सारी संगत है उनकी संतान
कैसे करूँ उन गुरुजी महाराज की महिमा का बखान?

रूप उनका इतना खूबसूरत
कि शब्दों में ना समाये
इतनी नूरानी उनकी सूरत
कि दर्पण भी शरमाये
तेज ऐसा गुरुजी का
कि सूरज की रोशनी फीकी पड़ जाये
और प्यार ऐसा उनका
कि उसमें माँ की ममता और पिता का स्नेह समाये।

गुरुजी की महिमा की वड़ियायी
पार करती है आसमाँ की ऊँचायी को
गुरुजी के वचनों की गंभीरता
पार करती है महासागर की गहराई को।

लीला गुरुजी की अपरंपार
वेदों का हैं वे सार और विस्तार
विनम्रता और ऐश्वर्य की मूरत हैं गुरुजी महाराज
करते हैं वे सारी सृष्टि पर राज।

क़ाबिल हो शायद कोई विरला इंसान
पूरी तरह से जान पाने के लिए कि गुरुजी हैं कितने महान
कोशिश करते करते लगा सकते हैं भक्त थोड़ा अनुमान
कि गुरुजी है स्वयं भगवान के स्वरूप की पहचान।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

भगवान के स्वरूप की पहचान (05/18/2026)

गुरुजी के आशीर्वाद से परिपूर्ण (05/17/2026)

मई १७,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०१०

              गुरुजी के आशीर्वाद से परिपूर्ण 

आजकल मुश्किल है रहना केंद्रित
और इधर उधर भटकना है आसान
मनोवृत्ति अक्सर हो जाती है भ्रमित
प्रभु को चेतना भूल जाता है चित्त।

जो भी चल रहा हो जीवन में
जो भी ख़याल आ रहे हों मन में
लिव जोड़े रखो गुरुजी महाराज के संग
इस रूहानी तार का है अनोखा रंग
जो अपने नूर को यूँ फैला देता है भीतर
कि गुरुजी की याद में होता है जीवन बसर
हर पल, हर घड़ी, हर पहर
ऐसी है गुरुजी महाराज की मेहर।

ये रिश्ता सच में है अनोखा
देता है आत्मा-निरीक्षण का मौक़ा
जो स्वयं-सुधार के लिए है बहुत ज़रूरी
वरना बढ़ जाती है अपने ही आत्मा-स्वरूप से दूरी।

गुरुजी की याद से खूबसूरत कोई याद नहीं
इस बात में सत्य है सम्पूर्ण
गुरुजी की याद बसी हो जिस शख़्स के दिल में
उसका जीवन है गुरुजी के आशीर्वाद से परिपूर्ण।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

गुरुजी के आशीर्वाद से परिपूर्ण (05/17/2026)

चुनाव (05/16/2026)

मई १६,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३००९

                              चुनाव 

जीवन है माया का मंच
इसलिए यहाँ जारी रहेगा प्रपंच
हमें करना होगा चुनाव
की हमें किस बात का है चाव।

बातें जो बढ़ायें गुरुजी से प्यार
या जिनसे और भी अच्छा लगे संसार?
बातें जो हों जुड़ी गुरुजी की याद से
या फिर केवल धन, भीड़, घूमने फिरने और जायदाद से?

दरअसल जीते हुए इस जीवन को
भोग का अनुभव कराते हुए तन और मन को
हर कदम पर है हमारे लिए अवसर
कि किस दिशा में ले जाना है सफ़र
क्या व्यर्थ में करना है साँसों का खर्चा?
कर के प्रपंच की चर्चा?
या जिन्होंने दिया है हमें हर श्वास
उन्हें याद करते रहने का करना है प्रयास।

किस ओर कराना है बहाव मन का
ये दायित्व है स्वयं हर जन का
क्योंकि आकर्षण और विकर्षण तो हैं अनेक
और मन को मोहित करता है इनमें से प्रत्येक।

गुरुजी और उनकी याद
जब करती चलेगी मन को आबाद
तो मन में होगा उनके प्रति प्रेम भाव
और मन करेगा अनुकूल चुनाव।

गुरुजी के नाम में रह कर मगन
लगा कर उनके जाप में लगन
उनके प्रेम से परिपूर्ण रहता है जीवन
किसी विकर्षण से विचलित नहीं होता मन।

मन पर इतना पक्का रहे गुरुजी के नाम का रंग
कि बाहरी प्रभाव से उन्मत होकर ध्यान ना हो भंग
भीतर से हों पूरी तरह से गुरुजी से जुड़े हुए बेशक हों जहाँ भी
तो गुरुजी की धुन में मलंग रहेंगे यहाँ भी और वहाँ भी।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

चुनाव (05/16/2026)

…अब तो जाग (05/15/2026)

मई १५,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३००८

             …अब तो जाग 

ए मानव, तू हर पहर
घोलता है कर्मों में आसक्ति का ज़हर
अपनी सोच में लाता है अहंकार
कैसे होगा तेरा उद्धार?

पंचभूत से बना तेरा शरीर
पंचभूत में ही समा जाएगा
अहंकार और आसक्ति लेकर
जाएगा तो कहाँ जाएगा?

गुरुजी महाराज का दिखाया रास्ता
करेगा तेरी सहायता
मिट जायेंगे अहंकार और आसक्ति
जैसे जैसे गहरी होगी भक्ति।

इस रास्ते पर है ऐसा अमृत
जो अहंकार और आसक्ति के विष को कर देगा शक्तिहीन
गुरुजी चाहते हैं भक्तों का हित
इसलिए तू ये अमृत ग्रहण कर बन कर उनका दास दीन।

गुरुजी हैं कृपालु करुणामय दीनदयाल
उनके भरोसे आज़ाद हो, छोड़कर अहंकार और आसक्ति का जाल
देखना तू अपने सुख और संतोष को बढ़ते हुए
देखना स्वयं को रूहानी सीढ़ी चढ़ते हुए।

भक्ति की गहराई
रूहानियत की ऊँचाई
ये उसके नसीब में आई
जिसने त्यागी अहंकार और आसक्ति की परछायी
वरना ये परछायी ही अंधेरे का कारण जाती है बन
और इसकी वजह से कमज़ोर होता जाता है मन
कमज़ोर मन बाधा है भक्ति के रास्ते पर
रोक लेता है ये मुक्ति की ओर का सफ़र।

गुरुजी से माँगता है तू अपना कल्याण
तू भी दे अपनी ओर से पूरा योगदान
अहंकार और आसक्ति को त्याग
बहुत सो चुका, अब तो जाग।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

…अब तो जाग (05/15/2026)

नदिया दीवानी (05/14/2026)

मई १४,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३००७

           नदिया दीवानी 

शांत बहती नदिया दीवानी
फिर पत्थर से टकरायी वो निमानी
काँप सा गया उसका पानी
हो गई उसे परेशानी।

फिर उसे याद आई अपनी नादानी
कि वह गुरुजी की याद से हो गई थी अनजानी
अपनी नादानी पर उसे हुई हैरानी
क्यूँकि वह हुई थी गुरुजी के नाम से बेगानी।

उसने मन ही मन माँगी गुरुजी से क्षमा
अर्जी की कि वे संभालें उसका समा
जानती थी कि स्वाभाविक है पत्थरों का रास्ते में आना
उसने गुरुजी से अरदास की कि मीठा लगे उसे उनका भाणा।

कहते कहते, इस से पहले की उसके आँसू बहते
गुरुजी महाराज ने सुन ली नादिया की अरदास
और बख्शी उसे ऐसी हिम्मत और ऐसा मनोबल
कि उसकी परेशानी गई टल।

नादिया की राहों में पत्थर रहे आते जाते
पर नादिया में थी इक अद्भुत सी शक्ति
क्यूँकि गहरी हो चुकी थी उसकी गुरुजी के प्रति भक्ति
और वो बन गई थी हर पत्थर को बिन परेशानी पार करने की युक्ति।

बीते अनेकों साल
परेशान ना हुआ नदिया का हाल
वो बहती रही व्यस्त होकर
गुरुजी की याद में मस्त होकर
फिर वक़्त आया सागर में समाने का
तो मोल समझ आया गुरु नाम के ख़ज़ाने का
क्यूँकि गुरुजी के नाम के सागर में वो समायी
गुरुजी में समायी जब यहाँ से हुई उसकी विदायी।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

नदिया दीवानी (05/14/2026)

वे ही राखा मेरे, वे ही रब (05/13/2026)

मई १३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३००६

                 वे ही राखा मेरे, वे ही रब 

ना कोई कर्मकांड ना रिवाज़ ना रीत
निभानी है गुरुजी संग पावन प्यार की रीत
भोला भाव हमारा
गुरुजी को लागे प्यारा
और उनका प्यार प्यारा
है हमारा सलोना सहारा।

उनकी याद में रहना
उनके प्रेम में बहना
उन्ही को दिल की बात कहना
पहनना उनके नाम का गहना
जीना उनकी भक्ति में
रख भरोसा उनकी शक्ति में
कर के उन्हें अपना हर कर्म समर्पित
कर उनकी महिमा का गुणगान नित नित
बीत जाये ये ज़िंदगी
तो रास आएगी बंदगी
और मिल जाये उनकी बख़्शिंदगी
तो दूर हो जाये शर्मिंदगी
उनके चरणों में कर गलतियों का प्रायश्चित
हल्का कर के अपना चित्त
उनकी शरण में ही हो जीना मरना
इसके लिए जो भी हो मुझे करना
वे करायें गुरुजी महाराज मेरे
जब तक लूँ जन्म मरण के फेरे
क्यूँकि उन्हें ही सौंप दिया है सब
वे ही राखा मेरे, वे ही रब।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

वे ही राखा मेरे, वे ही रब (05/13/2026)

तू ना घबरा, बस, चलता जा (05/12/2026)

मई १२, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३००५

                तू ना घबरा, बस, चलता जा

मंज़िल खूबसूरत होगी
ओ मुसाफ़िर, तू ना घबरा
राहों में बेशक पत्थर हैं
तू चलता जा, तू चलता जा।

अरे, ये पत्थर तो और भी ज़्यादा थे
और थे भी बड़े बड़े
लेकिन तेरे गुरुजी महाराज आए
और इन राहों पर हुए खड़े
इतने पत्थर तो समा गए पृथ्वी में गुरुजी की एक नज़र से
और बाक़ी पत्थर छोटे हो गए उनकी नज़र के असर से।

अब जो बचे कुचे हैं पत्थर
तेरी इन राहों में
गुरुजी तुझे पार करायेंगे
लेकर अपनी बाहों में।

तुझे बेशक उनकी बाहें दिखेंगी नहीं
लेकिन देखना, वे तुझे ले चलेंगी वहीं
जहाँ खूबसूरत मंज़िल कर रही है तेरा इंतज़ार
तेरी हर मुश्किल के पार।

गुरुजी पर क़ायम रख अपना विश्वास
तू तो सदा से रहा है बनकर उनका दास
जब जब तेरे आंसू हैं छलके
नम हो जाती हैं गुरुजी की पलकें
वे करते हैं तुझसे बेहद प्यार
इसलिए आया है ये इंतज़ार
तुझे रिहा करने तेरे प्रारब्ध के भार से
तुझे बचाने काल के वार से
तुझपर गुरुजी की कृपा विशेष है
अब थोड़ा ही रास्ता शेष है
तू ना घबरा, तू चलता जा
तू ना घबरा, बस, चलता जा।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

तू ना घबरा, बस, चलता जा (05/12/2026)