अपना जनम कर लो सफल (06/15/2026)

जून १५, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३९

              अपना जनम कर लो सफल 

ढूँढ रहे हो तुम जिन भगवान को
ढूँढ रहे हो जिन गुरुजी करुणानिधान को
नहीं हैं वे बाहर के किसी वन में
बल्कि वे तो हैं तुम्हारे भीतर के उपवन में
लेकर श्रद्धा से उनका नाम
उनका दिया जाप करो सुबह शाम
वे होंगे तुम पर मेहरबान
उनकी मौजूदगी से खिल उठेगा तुम्हारा गिरेबान…

गुरुजी के नाम अमृत से साफ़ करते चलो अपने मन का दर्पण
जैसे भी हो, स्वयं को और हर कर्म को कर दो गुरुजी को अर्पण
तुम्हारे निरंतर प्रयास से होता जाएगा तुम्हें उनसे करीबी का खूबसूरत एहसास
दूरी मिटने लगेगी क्यूँकि वे सदा होंगे तुम्हारे पास।

हर लम्हा होगा सुहेला
तुम अपने को महसूस ना करोगे कभी अकेला
तुम्हें साफ़ दिखेंगी अपनी ख़ामियाँ
और गुरुजी की दया से तुम स्वयं को सुधार पाओगे
समझ आयेंगी तुम्हें अहंकार में की हुई नादानियाँ
और गुरुजी की मेहर से तुम नीवें होते जाओगे।

गिरेबान में झाँके बिन भी सफ़र तो चलेगा
किंतु गुरुजी के नाम और जप बिन वह कैसे खिलेगा?
इसलिए अपने कल्याण का ज़रा करो विचार
और कोशिश करो बारम्बार
गुरुजी से जुड़े रहने की
उनकी याद की ओर मुड़े रहने की।

गुरुजी आए कल्याण करने
अपनी संगत की झोली भरने
पाकर उनसे धन असल
अपना जनम कर लो सफल।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

अपना जनम कर लो सफल (06/15/2026)

गुरुजी की याद में जाये गुज़र… (06/14/2026)

जून १४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३८

गुरुजी की याद में जाये गुज़र…

गुरुजी की याद में जाये गुज़र
हर पल, हर घड़ी, हर दिन, हफ़्ता, हर साल
गुरुजी की याद में गुज़र जाये ये सफ़र
गुरुजी की याद में गुज़र जाये ये पूरी उमर।

गुरुजी करें ये अरदास क़ुबूल
उनकी याद के अलावा सब है उड़ती धूल
हवा के रुख़ संग ग़ायब हो जाएगी
सिर्फ़ गुरुजी की याद ही संग रह जाएगी।

गुरुजी की याद में है अपनापन
गुरुजी की याद में लीन रहता है जो मन
उस मन की गुरुजी में ही रहती है लगन
वो मन गुरुजी की याद में यूँ रहता है मगन
कि गुंजायश नहीं होती किसी विकर्षण की
ज़बरदस्ती नहीं चलती किसी आकर्षण की
क्यूँकि मन गुरुजी की ओर ही रहता है आकर्षित
उन्ही को चेतता है फिर चित्त।

जैसे जैसे दिन और साल गुज़रते जाते हैं
गुरुजी और सिर्फ़ गुरुजी ही नज़र आते हैं
उन्ही से जुड़ जाते हैं जज़्बात
उनकी याद मन आबाद करती है दिन रात।

गुरुजी की याद में आनंद है अनोखा
रूह का सफ़र हो जाता है सौखा
इस याद में कभी नहीं होता धोखा
क्यूँकि ये याद है इतनी पावन और रूहानी
कि इस से निखर जाती है ज़िंदगानी की कहानी
मन मान जाता है कि बाक़ी हर चीज़ है बेगानी।

गुरुजी की याद में गुरुजी के लिए प्यार
उनकी याद में उनसे मिलने को जन हो जाये बेकरार
गुरुजी की याद से मिले मार्गदर्शन
गुरुजी की याद से साफ़ हो मन का दर्पण
गुरुजी की याद में रहकर मिले सुमत
गुरुजी की याद से मिल जाये परमगत
गुरुजी की याद में है हुक्म पालन का जज़्बात
गुरुजी की याद में समाया है उनका कृपा प्रसाद।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

गुरुजी की याद में जाये गुज़र… (06/14/2026)

फूलों और कलियों का उद्धार (06/13/2026)

जून १३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३७

 फूलों और कलियों का उद्धार 

मस्ताना सा इक फ़क़ीर था
भीतर से बहुत अमीर था
छोड़ कर हर दिखावे वाली रीत
गाते हुए गुरुजी के गीत
फ़क़ीर गुज़र रहा था हर गली से
बात करते हुए हर फूल और कली से
सुनाते हुए उन्हें गुरुजी के सत्संग
उनके जीवन में भरते हुए रूहानी रंग।

हर फूल और कली की नींद उड़ गई
हर फूल हर कली गुरुजी से जुड़ गई
उनके हृदय में जल गए भक्ति के दीये
तरसने लगे वे गुरुजी के चरण छूने के लिए।

गुरुजी तो सब के स्वामी हैं
वे तो अंतर्यामी हैं
जान गए फूलों और कलियों के मन की बात
और जब उनका एक दास आया उनके पास उस रात
गुरुजी ने दिया उसे आदेश
की वह करे उस गली में प्रवेश
जहाँ फूलों और कलियों का है बसेरा
और जब हो जाये सवेरा
तो वो गुरुजी के लिए कुछ फूल और कलियाँ लाए
दास ने आज्ञा मानी बिना हिचकिचाये।

फूल और कलियाँ थे गुरुजी के लिए उदास
तभी दास पहुँचा उनके पास
फूलों और कलियों की ख़ुशी का ना रहा ठिकाना
जब दास ने उन्हें बताया उन्हें कहाँ है जाना।

आया वह शुभ पल जब दास ने छुए गुरुजी के कमल चरण
और फूलों और कलियों को किया गुरु चरणों में अर्पण
गुरुजी ने उन्हें दिया तार
कर के उनका उद्धार
बना कर उन्हें अपने चरणों की धूल
हर्षित हुई हर कली, हर्षित हुआ हर फूल।

गुरुजी के कमल चरण में है सभी का कल्याण
गुरुजी हैं समस्त सृष्टि के भगवान
सभी को देने में समर्थ हैं वे अपनी दया का दान
गुरुजी की महिमा है अत्यंत महान।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

फूलों और कलियों का उद्धार (06/13/2026)

वे कल भी थे यहाँ और वहाँ (06/12/2026)

जून १२, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३६

                 वे कल भी थे यहाँ और वहाँ 

वे कल भी थे यहाँ और वहाँ
आज भी हैं वे हर स्थान में विराजमान
वे हैं सदा से सर्वशक्तिमान
वे हैं गुरुजी सदाशिव महान।

गुरुजी ज्योत हैं दिव्य प्रकाश की
शक्ति सर्वश्रेष्ठ शुभ सकाश की
ना चाहिए कोई प्रमाण
कि वे स्वयं हैं भगवान।

गुरुजी हैं वह ख़ास एहसास
जो सदा हैं हर भक्त के पास
जिनमें जितना रम जाये भक्त का श्वास
उतना निश्चिंत रहे वह दास।

गुरुजी हैं वह प्रेरणा
हैं वे वह उत्तेजना
जो जागृत करे चेतना
जो निखार दे संवेदना।

गुरुजी हैं वह आरज़ू
जिनके लिए तरसे है रूह
हर साधक और हर उपासक की
तय करने यात्रा उन तक की।

गुरुजी हैं सृष्टि का आधार
महापुरुष प्रधान परवरदिगार
गुरुजी हैं अनुग्रह भरा प्यार
गुरुजी तो हैं मेरा संसार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

गुरुजी की याद (06/11/2026)

जून ११, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३५

           गुरुजी की याद 

गुरुजी की याद में रहना ही है अब जीवन का रास्ता
गुरुजी की याद ही है रास्ते की मंज़िल
गुरूजी की याद में रम गई हूँ ऐसे
कि उनकी याद बिन कहीं नहीं लगता ये दिल।

गुरुजी की याद संग दिनचर्या और हर काम
गुरुजी की याद संग दूँ जीवन का हर इम्तहान
क्यूँकि उनकी याद बिन जीवन नहीं
उनकी याद बिन ये तन मन नहीं।

गुरुजी की याद में मुस्कुराऊँ
उनकी याद में रो भी पाऊँ
उनकी याद में उनके गीत गाऊँ
उनकी याद बिन रह ना पाऊँ।

गुरुजी की याद से सँवर जाये हर काज
गुरुजी की याद भीतर है आज
हर जगह, हर हालात में, और हर पल
उनकी याद से सजा रहे आने वाला कल
गुरुजी की याद में पिरो कर हर फ़रियाद
गुरुजी की याद से मिले हर आशीर्वाद
अब तो गुरुजी की याद से ही रहता है अंतस आबाद
इसके लिए गुरुजी महाराज का असीम धन्यवाद।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

बगिया और तितली (06/10/2026)

जून १०, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३४

         बगिया और तितली 

बहुत सुंदर सा प्रभात था
जिसमें अस्तित्व खोया था रात का
पंछी रहे थे चहक
फूल रहे थे महक
इक मनोहर तितली आई
आकर इक फूल पर मंडरायी
इधर उधर वो डोली
फिर बगिया से वो बोली,
“अरे ओ बगिया प्यारी
तू किसकी है राज दुलारी?”
बगिया बोली, “ अपने प्यारे गुरुजी महाराज की
अपने सुंदर सरताज की।”

तितली को हुई हैरानी
कि बगिया है किसी गुरुजी की दीवानी
उसने बगिया से कहा गुरुजी रहते हैं कहाँ
बगिया ने बताया कि गुरुजी का है ये सारा जहाँ
वे रहते हैं हर भक्त के भीतर भी
और हर जगह पर हैं वे ही।

बगिया ने कहा गुरुजी हैं वहीं
जहाँ है आसमान और ज़मीन
और उसके आर पार
उनसे ही चलता है संसार।

उसी समय बगिया में इक अद्भुत सी ख़ुशबू आई
आसपास कोई बूँद नहीं थी पर बगिया में बारिश सी आई
बगिया ने शुक्राना का गीत गाया और वो मुस्कुरायी
तितली को उसकी प्रतिक्रिया समझ ना आई
उसके पूछने पर बगिया ने उसे बताया कि ये ख़ुशबू गुरुजी की है
और इस वर्षा में भी मौजूदगी उनकी है
क्यूँकि ये अमृत वर्षा है उनकी मेहरबानी से
और जैसे ही बगिया ने ये कहा
तितली से रहा ना गया
उसने शुक्राना में अपने पंख जोड़े प्यार से
और मन ही मन कहा गुरुजी को पुकार के
कि वे उसे भी अपने कमल चरण में दें स्थान
ताकि हो जाये उसका भी कल्याण।

तभी हवा का एक तेज झोंका आया
और उसके स्पंदन ने तितली को गले से लगाया
तितली को महसूस हुआ दिव्य शक्ति का आलिंगन
वो प्रसन्न हुई मन ही मन
गुरुजी की मौजूदगी और स्वीकृति को गई वह जान
तभी ओम के नाद से गूंजने लगे उसके कान
वह गुरुजी में पूरी तरह से खो गई
बगिया ने सोचा कि तितली सो गई।

कुछ देर के बाद
तितली ने की बगिया से बात
उसने बगिया को अपना अनुभव सुनाया
बगिया और तितली का मन हर्षाया
गुरुजी की बातों में बीतने लगे उनके दिन और रात
तर गए दोनों, पाकर गुरुजी का आशीर्वाद।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

बगिया और तितली (06/10/2026)

तीरथ का सरोवर (06/09/2026)

जून ९, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३३

         तीरथ का सरोवर 

ये नदिया है गुरुजी के नाम की
कल्याण के पैग़ाम की
इस नादिया में है जिसकी नैया
गुरुजी संवारते हैं उसका नज़रिया
उसे हुक्म में रहना सिखाते हैं
उसे वक़्त के संग बहना सिखाते हैं।

नैया जब होती है इस नदिया में
तो गुरुजी का राज चलता है डगरिया में
नैया में सवार हुआ हर प्राणी
पाता है गुरुजी की दया और मेहरबानी।

नैया जब सामना करती है तूफ़ान का
तो वो पल होता है दरअसल भक्त के इम्तहान का
भक्त जितना सहारा लेता है गुरुजी के नाम का
गुरुजी संग जितना जुड़ाव रखता है अपने प्राण का
उतनी बढ़ती है उसकी श्रद्धा और सबूरी
और उतनी ही बढ़ती है भय और संशय से दूरी।

इस नदिया में जितने गोते खाओगे
गुरुजी में उतना खोते जाओगे
और गुरुजी के होते जाओगे
उनकी आशीषें पाओगे।

इस नदिया के पानी से शुद्ध कर लो चित्त
इस नदिया का पानी है अमृत
गुरुजी की कृपा से इस अमृत का तुम कर लो पान
ये तो तीरथ का सरोवर है, कर लो तुम इसमें स्नान।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

तीरथ का सरोवर (06/09/2026)

गुरुजी का मनन (06/08/2026)

जून ८, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३२

                       गुरुजी का मनन 

विश्वास रख कर गुरुवर महान में
झाँक कर अपने गिरेबान में
गुरुजी का तुम मनन करो
फिर तुम निदिध्यासन करो
क्योंकि ज़रूरी है अनुभव ज्ञान
अगर करनी है अपने असल स्वरूप की पहचान।

गुरुजी महाराज की कृपा निश्चय ही बरस रही है
जिस साक्षात्कार के लिए तुम्हारी रूह तरस रही है
तुम उसकी ओर करते चलो प्रयास
गुरुजी लायेंगे वह समा खास
जब तुम्हारा उनसे मिलन होगा तुम्हारे अपने ही भीतर
तुम्हें अपने आत्म-स्वरूप में मिल जाएगा उनका वह शाश्वत दर
जहाँ भक्ति इतनी खिल जाती है
कि जीते जी मुक्ति मिल जाती है
और जो जीवन मुक्त हो जाता है
वह अपने गुरु गोविन्द में इतना खो जाता है
कि बँधता नहीं वो किसी भी बंधन में
इतनी आज़ादी पा लेता है वह वंदन में।

वक़्त भी लगे तो ना छोड़ना प्रयास
तुम्हारा प्रयास तुम्हें आयेगा रास
गुरुजी की मेहरबानी से
उनकी बख़्शी गुरबानी से
वे सिमरन से ले जायेंगे तुम्हें ध्यान में
और तुम झाँक पाओगे अपने गिरेबान में
आत्म-सुधार हो पायेगा
आत्म-निखार हो जाएगा
नज़रिया संवर जाएगा
विषाद गुज़र जाएगा
अनुभव होगा वह संतोष
जिसमें मिट जाएँगे सब दोष
आत्म-साक्षात्कार होगा
गुरुजी और तुम्हारा एकाकार होगा
धन्य हो जाएगा जीवन
इसलिए कर लो गुरुजी का मनन।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

गुरुजी का मनन (06/07/2026)

जागृति का सूर्य (06/07/2026)

जून ७, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३१

           जागृति का सूर्य 

बेशक बाहर लग रहा है प्रलय
साथ ही होने वाला है जागृति के सूर्य का उदय
कल्याण है गुरुजी के कमल चरण में
उद्धार है गुरुजी की शरण में।

मोक्ष की नहीं चिंता
मृत्यु का नहीं भय
बस मिलती रहे गुरुजी की शरण
तो अनुग्रहीत है हर जनम।

गुरुजी का आसरा अनिवार्य है हर पल
उनके आसरे से भय और कष्ट जाता है टल
उन्ही की कृपा से उतर पाये मन का मल
उन्ही की रहमत से बढ़े मनोबल।

संसार में आए हुए इस माड़े समय में
युग परिवर्तन के इस प्रलय में
ना फँसेगा मन किसी संशय में
अगर हो जाओ गुरुजी संग लय में
दुविधा और अशांति कम हो जाएगी
मन मस्तिष्क में स्पष्टता आएगी
ऐसा बल है गुरुजी की याद में
ऐसा प्रताप है उनके हर प्रसाद में।

धीरज तो रखना होगा
गुरुजी से ही मिलेगी उसकी भी बख्शीश
हर तरह से कल्याण होगा
समर्पण में झुका कर उनके चरणों में सीस।

फिर कैसी देर
मिटा लो अंधेर
गुरुजी बुला रहे हैं तुम्हें अपनी शरण में
वे ही आसरा हैं तुम्हारे हर क्लेश के हरण में
उनकी कृपा से जागृति का सूर्य होगा उदय
तुम्हारे भीतर शांति होगी बेशक बाहर हो प्रलय
जागृति का सवेरा कर रहा है तुम्हारा इंतज़ार
जागृति का सूर्य तुम्हें नूर बख्शने के लिए है बेकरार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

जागृति का सूर्य (06/07/2026)

रहे ही ना कोई और आरज़ू (06/06/2026)

जून ६,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३०

     रहे ही ना कोई और आरज़ू

बेशक कोशिश थी रहने की बंदगी में
फिर भी कमी सी महसूस होती थी ज़िंदगी में
फिर गुरुजी की कृपा से उनसे हुआ जुड़ाव
उनकी दया से उनकी ओर हुआ खिंचाव
पहले भी भीड़ में लगता था सूना सा अक्सर
लेकिन किसी तरह वक़्त जाता था गुज़र
और फिर जब से गुरुजी से लागी लगन
भीड़ में बिलकुल भी लगता नहीं है मन
रास आती है वही महफ़िल
जहाँ गुरुजी को सलाम हो
आकर्षित करती है वही संगत
जहाँ गुरुजी को प्रणाम हो
एकांत ही सही है वरना
क्यूँकि गुरुजी को याद करना
यही मक़सद बन चुका है जीवन का
गुरुजी का शुक्र कि ऐसा हुआ है हाल मन का।

नहीं महसूस होता है एकांत में अकेलापन
जब गुरुजी से जुड़ा होता है मन
मन गुरुजी के ख़यालों में खो जाता है
ये गुरुजी की कृपा से ही हो पाता है।

अच्छा लगता है सुनना और करना बातें गुरुजी महाराज की
इतनी ख़ुशी होती है जो आ जाती है ख़ुशबू मेरे सरताज की
उनके ज़िक्र, उनके सत्संग, उनके गुणगान से हर भोजन बन जाता है प्रसाद
गुरुजी की याद, उनका रूहानी सानिध्य हैं अति सुंदर आशीर्वाद।

ज़िंदगी के सुख दुख से किसी तरह से भी प्रभावित होना छोड़ सकूँ
मेरे दाता करें ऐसी मेहर
मेरी हर वो आदत जो उन्हें नापसंद हो, मैं उसे तोड़ सकूँ
करूँ उनसे विनती हर पहर
गुरुजी के नाम से ही शुरू हर दिन
रात भी नहीं उनकी याद के बिन
उन्ही की याद में दिनचर्या सारी
उनकी याद में आसानी से कटे बीमारी
दिन रात मिलता रहे गुरुजी का साथ
हर पल अंग संग रहें मेरे नाथ
यहाँ और वहाँ उनमें संलग्न रहे मेरी रूह
ऐसी हो जाऊँ कि रहे ही ना कोई और आरज़ू।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा