शुभ वेला (05/24/2026)

मई २४,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०१७

                             शुभ वेला

जो भी और जैसी भी वजह
गुरुजी से दूर ले जाने लगे
उस वजह से प्रभावित ना होना
वरना पड़ेगा सबसे अनमोल आशीर्वाद खोना।

यानी कि, गुरुजी की शरण
गुरुजी के कमल चरण
जो इस तरह से संवार रहे हैं तेरा जीवन
कि उनके आशीष बिन एक श्वास भी नहीं मुमकिन।

अब जो तूने जान लिया है
अब जो तूने मान लिया है
कि तेरे लिए गुरुजी हैं सब कुछ
और बाक़ी सब उनके समक्ष है तुच्छ
तो फिर संशय का नहीं कोई स्थान
क्यूँकि तुझे हो गई है सर्वश्रेष्ठ पहचान
जो बक्श रहे हैं स्वयं गुरुजी करुणानिधान
जो जानते हैं तेरी रूह का हर अरमान।

वे ले जा रहे हैं तुझे दुनियावी अरमानों से ऊपर
वे ही जानते हैं तेरी रूह का आध्यात्मिक स्तर
वे जानें कब शुरू हुआ और कब ख़त्म होगा तेरा और तेरी रूह का सफ़र
तू इन सब गहरी बातों से है बेख़बर।

गुरुजी के क़रीब होते जाने का करता जा प्रयास
इसके लिए हर अनुकूल परिस्थिति आएगी तुझे रास
गुरुजी कृपा करेंगे, तू कर अरदास
गुरुजी से करीबी का एहसास है सबसे ख़ास।

ये करीबी ही तुझे उन तक पहुँचायेगी
तुझे तेरे भीतर की गहराई में ले जाएगी
अपने भीतर झाँकते हुए तू गुरुजी को पायेगा
कोशिश कर, देखना, वो शुभ वेला ज़रूर आयेगा।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

शुभ वेला (05/24/2026)

करता चल गुरुजी का चिंतन (05/23/2026)

मई २३,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०१६

               करता चल गुरुजी का चिंतन 

भीतर में परिवर्तन ला
बाहर तो हो ही जाएगा
गुरुजी जो लिखेंगे तेरे लेखे में
वो तू आज नहीं तो कल ज़रूर पायेगा।

तू सफलता और असफलता को देख रहा है तन मन की आँखों से
पर गुरुजी की नज़र नहीं है इतनी साधारण
तू बेशक ना जाने क्यों हो रहा है जो हो रहा है तेरे जीवन में
किंतु गुरुजी अच्छी तरह से जानते हैं उसका कारण।

अक्सर असफलता देती है वो विनम्रता
जो सफलता से ना मिल पाये कभी
सफलता से अहंकार हो जाता है अक्सर
ये भी जानते हैं सभी।

अक्सर इम्तहान में
गुरुजी बख़्शते हैं छोटी छोटी सफलताएं
देखने कि इनसे मन में
अहंकार ना आ जाये।

असफलता के रास्ते पर हैं सबक़ बहुत सारे
ऐसे ऐसे पाठ पढ़ गए वे जन जो हारे
जो मुमकिन ना थे सफलता के रास्ते पर
जिनसे केवल भौतिक जीवन ही नहीं, बल्कि रूह होती है अग्रसर।

गुरुजी के दर पर मिलती हर दात है
बस, सही वक़्त आने की बात है
और वो कोई ना जाने गुरुजी से बेहतर
उन्हें ही है आने वाले कल की खबर।

गुरुजी हैं कर्मों के फल के दाता
वे ही हैं मत और पत के प्रदाता
उन्होंने मंज़ूर किया है जिस भक्त का अपने संग नाता
वो भक्त सही वक़्त पर सही दात है पाता
जिसका सफ़र गुरुजी के हुक्म में चले
वो भक्त सदा गुरुजी के आँचल में पले
फिर क्यों चिंता करे ओ जन
करता चल गुरुजी का चिंतन।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

करता चल गुरुजी का चिंतन (05/23/2026)

ये दास्तान (05/22/2026)

मई २२,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०१५

                          ये दास्तान 

ये दास्तान नहीं एक जन्म की
ये कहानी है कई जन्मों के हर कर्म की
पिछले कर्मों का क़र्ज़ चुकाने की
और सफ़र में आगे चलते जाने की।

मिल जाये जिसे गुरुजी जैसा गुरुवर
वो इस सफ़र में ज़रूर जाये तर
क्यूँकि गुरुजी के चरणों में हो जिसका जीवन बसर
गुरुजी के आशीर्वाद का हाथ होता है उसके सिर पर।

पूरण गुरु हैं गुरुजी महाराज
भक्तों को मोक्ष की ओर ले जाते हैं वे सरताज
उनकी जितनी संगत है आज
सभी के किसी ना किसी तरह से संवर रहे हैं काज।

इसका ये अर्थ कदापि नहीं
कि जो हो रहा है वो लगे सुखद और सही
पर दरअसल उसी से होगा कल्याण
क्यूँकि उसे निर्धारित कर रहे हैं गुरु करुणानिधान।

अनेकों जन्मों से बढ़ता जा रहा है कर्मों का जो भार
उसे हल्का करने में ऐसे सहायक हैं गुरुजी सरकार
कोई और कर सकता नहीं जैसे
कोई सोच ही नहीं सकता गुरुजी के जैसे।

गुरुजी महाराज की लीला है अपरंपार
अपनी लीला से वे करें भक्तों का उद्धार
कम करवायें भक्तों के कर्मों का भार
लेकर स्वयं पर अधिकतर भार इतनी बार।

गुरुजी की शरण में जारी रहे ये दास्तान
गुरुजी द्वारा होता रहेगा जो कल्याण
तो रूह कभी ना कभी राहत ज़रूर पाएगी
और गुरुजी की दिव्य ज्योत में अवश्य समाएगी।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

ये दास्तान (05/22/2026)

ओम नमः शिवाय (05/21/2026)

मई २१,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०१४

                      ओम नमः शिवाय 

ओम नमः शिवाय
ये है शांति और स्थिरता का उपाय
बैठ के भी और चलते फिरते जप लो
ओम नमः शिवाय।

ओम नमः शिवाय
भीतर सकारात्मकता लाये
आत्म-विश्वास बढ़ाये
उत्साह को भी ये जगाये।

ओम नमः शिवाय
इसमें अभय दान समाये
विवेकशीलता अंकुरित हो जाये
साधक एकाग्रचित हो पाये।

चिंता चिंतन में परिवर्तित हो जाये
आंतरिक ऊर्जा की धुन बजती जाये
आसपास भी फैले एक ऐसा नूर
कि मायूसी होने लगे दूर।

रहते चलो गुरुजी की याद में
और व्यस्त रहो जाप में
भाव से बोलो
चाव से बोलो
वश में कर लो मन को
सफ़र कर लो जनम को।

गुरुजी ने भक्तों को बतलाया
ओम नमः शिवाय शिवजी सदा सहाय
और संगत ने भक्ति भाव से गुनगुनाया
ओम नमः शिवाय गुरुजी सदा सहाय
कृपालु गुरुजी ने उसे भी स्वीकारा
और सारी संगत का जीवन है सँवारा।

गुरुजी सदाशिव हैं स्वयं
इसमें नहीं है कोई भ्रम
दोनों ही गुरुजी के मंत्र बने सारी संगत के वास्ते
ओम नमः शिवाय दोनों में है, ये बात बहुत ही खास है।

गुरुजी की याद में मरना जीना
गुरुजी के नाम का अमृत पीना
गुरुजी से ही है ये सारा जहाँ
गुरुजी से ही है हर संगत की दास्ताँ।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

ओम नमः शिवाय (05/21/2026)

गुरुजी की कृपा (05/20/2026)

मई २०,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०१३

                        गुरुजी की कृपा 

ज़रूरी नहीं की गुरुजी की कृपा शोर बन कर आये
हो सकता है वो जीवन का एक नया दौर बन कर आए
या फिर एक संतोषजनक परिस्थिति
या फिर बन कर मन की शांत स्थिति।

या सुलझी हुई मत बनकर
या लौटी हुई पत बनकर
या निरोगी काया का रूप लेकर
या शरद ऋतु में धूप लेकर।

गुरुजी के प्रति शुक्र हर श्वास से
पूजना गुरुजी को विश्वास से
ये सभी उनकी कृपा के बिन
एक पल के लिए भी नहीं हैं मुमकिन।

कष्ट भी आयें तो उनकी कृपा की
बदौलत
क्यूँकि वे हैं कर्मों के फल के दाता
कर्म ना कटेंगे तो आगे कैसे बढ़ेंगे
ये ज्ञान भी गुरुजी से है मिल पाता।

सुख में भी और दुख में भी
गुरुजी की कृपा समाई है
दुख का सामना करने की हिम्मत
संगत ने गुरुजी से पायी है।

गुरुजी की कृपा बेशक कभी कभी हो अदृश्य
किंतु ये यकीनन संवार रही है संगत के जीवन का दृश्य
इस बात में नहीं है कोई संशय
इसका प्रमाण देता है समय
सही समय आता है जब
और भक्त समझ पाये, तब
और गुरुजी ही जानें वो समय होता है कब
क्यूँकि वे केवल गुरु नहीं हैं, वे तो हैं रब।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

रास्ता अपने घर का (05/19/2026)

मई १९,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०१२

                      रास्ता अपने घर का 

आत्मा के जागने की आवाज़
यही है ये तेरी बेचैनी का राज़
सुनने की कोशिश कर तू इस आवाज़ को
तू समझ पायेगा इस राज को।

आ गया है तेरे जीवन में समय
पुराने कई भ्रम टूटने का
कई संगी साथियों के रूठने का
कई आदतों के छूटने का।

दिखेगा तुझे दिखावे के भीतर का खोट
दिल को पहुंचेगी चोट
घबराना मत तू ऐसा होने से
ये ज़्यादा अच्छा है भीड़ में खोने से
बल्कि ख़ुश हो कि ऐसा हो गया है तेरा चित्त
कि दिखावे की ओर नहीं होता आकर्षित
अवस्थाएँ हैं ये सब, तुझे लाने गुरुजी के और भी क़रीब
क्यूँकि जितना उनके क़रीब होगा, उतना खिलता जाएगा तेरा नसीब।

ना जाने तुझे लगें होंगे कितने जनम
यहाँ तक पहुँचने के वास्ते
हर जनम में तू चला होगा
ना जाने कितने रास्ते
नज़दीक आ रही है वह मंज़िल
जहाँ गुरुजी बख़्श रहें तुझे ऐसा मनोबल
कि तेरी आत्मा जागृत हो जाये
क्यूँकि तभी शुरू होगा वह अध्याय
जो देगा एक मंगलमय करवट तेरे जीवन को
जो देगा शुभ प्रेरणा तेरे अंतःकरण को
और तेरी आत्मा निखरती जाएगी
परमात्मा के करीब आएगी
वही तो है आत्मा का अपना
पूरा होना है उनसे मिलने का सपना
यही तो है उद्देश्य सफ़र का
कि आत्मा को मिल जाये रास्ता अपने घर का।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

रास्ता अपने घर का (05/19/2026)

भगवान के स्वरूप की पहचान (05/18/2026)

मई १८,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०११

               भगवान के स्वरूप की पहचान 

जिन्होंने बख़्शा है आशीर्वाद का आसमान
जो गुरु के रूप में हैं भगवान
जिनके लिए सारी संगत है उनकी संतान
कैसे करूँ उन गुरुजी महाराज की महिमा का बखान?

रूप उनका इतना खूबसूरत
कि शब्दों में ना समाये
इतनी नूरानी उनकी सूरत
कि दर्पण भी शरमाये
तेज ऐसा गुरुजी का
कि सूरज की रोशनी फीकी पड़ जाये
और प्यार ऐसा उनका
कि उसमें माँ की ममता और पिता का स्नेह समाये।

गुरुजी की महिमा की वड़ियायी
पार करती है आसमाँ की ऊँचायी को
गुरुजी के वचनों की गंभीरता
पार करती है महासागर की गहराई को।

लीला गुरुजी की अपरंपार
वेदों का हैं वे सार और विस्तार
विनम्रता और ऐश्वर्य की मूरत हैं गुरुजी महाराज
करते हैं वे सारी सृष्टि पर राज।

क़ाबिल हो शायद कोई विरला इंसान
पूरी तरह से जान पाने के लिए कि गुरुजी हैं कितने महान
कोशिश करते करते लगा सकते हैं भक्त थोड़ा अनुमान
कि गुरुजी है स्वयं भगवान के स्वरूप की पहचान।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

भगवान के स्वरूप की पहचान (05/18/2026)

गुरुजी के आशीर्वाद से परिपूर्ण (05/17/2026)

मई १७,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०१०

              गुरुजी के आशीर्वाद से परिपूर्ण 

आजकल मुश्किल है रहना केंद्रित
और इधर उधर भटकना है आसान
मनोवृत्ति अक्सर हो जाती है भ्रमित
प्रभु को चेतना भूल जाता है चित्त।

जो भी चल रहा हो जीवन में
जो भी ख़याल आ रहे हों मन में
लिव जोड़े रखो गुरुजी महाराज के संग
इस रूहानी तार का है अनोखा रंग
जो अपने नूर को यूँ फैला देता है भीतर
कि गुरुजी की याद में होता है जीवन बसर
हर पल, हर घड़ी, हर पहर
ऐसी है गुरुजी महाराज की मेहर।

ये रिश्ता सच में है अनोखा
देता है आत्मा-निरीक्षण का मौक़ा
जो स्वयं-सुधार के लिए है बहुत ज़रूरी
वरना बढ़ जाती है अपने ही आत्मा-स्वरूप से दूरी।

गुरुजी की याद से खूबसूरत कोई याद नहीं
इस बात में सत्य है सम्पूर्ण
गुरुजी की याद बसी हो जिस शख़्स के दिल में
उसका जीवन है गुरुजी के आशीर्वाद से परिपूर्ण।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

गुरुजी के आशीर्वाद से परिपूर्ण (05/17/2026)

चुनाव (05/16/2026)

मई १६,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३००९

                              चुनाव 

जीवन है माया का मंच
इसलिए यहाँ जारी रहेगा प्रपंच
हमें करना होगा चुनाव
की हमें किस बात का है चाव।

बातें जो बढ़ायें गुरुजी से प्यार
या जिनसे और भी अच्छा लगे संसार?
बातें जो हों जुड़ी गुरुजी की याद से
या फिर केवल धन, भीड़, घूमने फिरने और जायदाद से?

दरअसल जीते हुए इस जीवन को
भोग का अनुभव कराते हुए तन और मन को
हर कदम पर है हमारे लिए अवसर
कि किस दिशा में ले जाना है सफ़र
क्या व्यर्थ में करना है साँसों का खर्चा?
कर के प्रपंच की चर्चा?
या जिन्होंने दिया है हमें हर श्वास
उन्हें याद करते रहने का करना है प्रयास।

किस ओर कराना है बहाव मन का
ये दायित्व है स्वयं हर जन का
क्योंकि आकर्षण और विकर्षण तो हैं अनेक
और मन को मोहित करता है इनमें से प्रत्येक।

गुरुजी और उनकी याद
जब करती चलेगी मन को आबाद
तो मन में होगा उनके प्रति प्रेम भाव
और मन करेगा अनुकूल चुनाव।

गुरुजी के नाम में रह कर मगन
लगा कर उनके जाप में लगन
उनके प्रेम से परिपूर्ण रहता है जीवन
किसी विकर्षण से विचलित नहीं होता मन।

मन पर इतना पक्का रहे गुरुजी के नाम का रंग
कि बाहरी प्रभाव से उन्मत होकर ध्यान ना हो भंग
भीतर से हों पूरी तरह से गुरुजी से जुड़े हुए बेशक हों जहाँ भी
तो गुरुजी की धुन में मलंग रहेंगे यहाँ भी और वहाँ भी।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

चुनाव (05/16/2026)

…अब तो जाग (05/15/2026)

मई १५,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३००८

             …अब तो जाग 

ए मानव, तू हर पहर
घोलता है कर्मों में आसक्ति का ज़हर
अपनी सोच में लाता है अहंकार
कैसे होगा तेरा उद्धार?

पंचभूत से बना तेरा शरीर
पंचभूत में ही समा जाएगा
अहंकार और आसक्ति लेकर
जाएगा तो कहाँ जाएगा?

गुरुजी महाराज का दिखाया रास्ता
करेगा तेरी सहायता
मिट जायेंगे अहंकार और आसक्ति
जैसे जैसे गहरी होगी भक्ति।

इस रास्ते पर है ऐसा अमृत
जो अहंकार और आसक्ति के विष को कर देगा शक्तिहीन
गुरुजी चाहते हैं भक्तों का हित
इसलिए तू ये अमृत ग्रहण कर बन कर उनका दास दीन।

गुरुजी हैं कृपालु करुणामय दीनदयाल
उनके भरोसे आज़ाद हो, छोड़कर अहंकार और आसक्ति का जाल
देखना तू अपने सुख और संतोष को बढ़ते हुए
देखना स्वयं को रूहानी सीढ़ी चढ़ते हुए।

भक्ति की गहराई
रूहानियत की ऊँचाई
ये उसके नसीब में आई
जिसने त्यागी अहंकार और आसक्ति की परछायी
वरना ये परछायी ही अंधेरे का कारण जाती है बन
और इसकी वजह से कमज़ोर होता जाता है मन
कमज़ोर मन बाधा है भक्ति के रास्ते पर
रोक लेता है ये मुक्ति की ओर का सफ़र।

गुरुजी से माँगता है तू अपना कल्याण
तू भी दे अपनी ओर से पूरा योगदान
अहंकार और आसक्ति को त्याग
बहुत सो चुका, अब तो जाग।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

…अब तो जाग (05/15/2026)