पाठ शिव पुराण का (09/30/2026)

ितंबर ३०, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४६

                             पाठ शिव पुराण का 

गुरुजी के आशीर्वाद से
उनके कृपा प्रसाद से
पाठ शिव पुराण का
रास्ता है कल्याण का।

ग्रंथ का करें पूर्ण आदर सत्कार
उसमें छवि बसती है गुरुजी करुणानिधान की
उसे पढ़ें और सुनें बार बार
उसमें बातें हैं इंसान, असुर, और भगवान की।

बेशक पढ़ो या सुनो ज़्यादा या एक ही अध्याय
ये है गुरुजी की मेहर से तर जाने का एक पावन उपाय
इस से भी कम का पाठ व्यर्थ नहीं जाएगा
ऊर्ध्वगति की ओर लेकर जायेगा।

ज़रूरी है श्रद्धा का भाव
ज़रूरी है भक्ति का चाव
पाठ में लगेगा जितना मन
होगा वह अच्छा
ना भी लगे मन
तो प्रयास हो फिर भी सच्चा।

गुरुजी तो नीयत परखते हैं
वे जानें हमारी भावना
जीवन के दो चार दिनों के पश्चात
करना है उन्ही का सामना
हम बेशक हों पुतले शर्मिंदगी के
गुरुजी तो सागर हैं बख़्शिंदगी के
हर पाठ में मान कर गुरुजी को विराजमान
पढ़ें और सुनें, कोशिश करें कि लगे ध्यान।

पढ़ेंगे सुनेंगे जितनी बार
ग्रंथ में बसे रूहानी राज़ खुलेंगे
शिव पुराण के पाठ से
हमारे पाप धुलेंगे।

गुरुजी की आज्ञा से पाठ हो शुरू
गुरुजी की आज्ञा से हो वह संपन्न
गुरुजी का शुक्राना करते हुए हर क्षण
गुरुजी की याद में हम रहें मगन।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

पाठ शिव पुराण का (09/30/2026)

ना ये बुद्धि है मेरी… (09/29/2026)

ितंबर २९, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४५

                             ना ये बुद्धि है मेरी…

ना ये बुद्धि है मेरी
ना ही मेरा है ये मन
ना ये इंद्रियाँ या तन
गुरुजी, आई मैं आपकी शरण।

फिर क्यों मुझे ये लागें मेरे
माया के चक्कर मुझे हैं घेरे
सिखा दीजिये मुझे समर्पण करना
फिर मुझे कभी ना पड़ेगा डरना।

ना करूँ आपके हुक्म की अवहेलना
बेशक मुझे दुख पड़े झेलना
क्यूँकि आपका हुक्म मानकर पहुँचूँगी उस सनातन सुख तक
जिसे हर कोई ढूँढता है अथक।

सब कुछ सौंप दूँ आपको
हर सुख दुख, हर संताप को
अपने हर श्वास को
अपने विश्वास को
अपने प्रयास को
अपनी हर आस को
अपने अस्तित्व, अपने हर करम को
अपने जनम और मरण को।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

ना ये बुद्धि है मेरी… (09/29/2026)

बीते कल के चिंतन में… (09/28/2026)

ितंबर २८, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४४

                          बीते कल के चिंतन में…

बीते कल के चिंतन में
वर्तमान को ना गँवाओ
गुरुजी का चिंतन करते चलो
और आगे बढ़ते जाओ।

परमार्थ में आ सकती है बाधा
अगर त्रुटि हो जाये व्यवहार में
इसलिए सतर्क रहकर जीना सीखो
अनेक रंगों के इस संसार में।

आत्म-अनुशासन और सरलता
विवेक और कोमलता
निवांपन और निर्मलता
ऐसा चरित्र ना हो केवल कुछ पल का।

बल्कि ये सारे गुण
अपने चरित्र में बुन
इनका सदा करना होगा सदुपयोग
बेशक भुगत रहे हो भोग।

ज़रूरी है सत्य से रिश्ता जोड़े रहना
ज़रूरी है मन को गुरुजी की ओर मोड़े रहना
वरना इस संसार के आकर्षण
बन कर विकर्षण
तुम्हें कहीं गुमराह ना कर दें
और भी अहंकार से ना भर दें।

इसलिए हर पल में संजो कर गुरुजी की याद
हर पल उनके नाम से करते रहो स्वयं को आबाद
ना तुम रहोगे और ना ही रहेगी कोई ताम झाम
रहेगा तो केवल गुरुजी का नाम।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

बीते कल के चिंतन में… (09/28/2026)

दरिया (09/27/2026)

ितंबर २७, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४३

                              दरिया 

ये रिश्ता जो है गुरुजी के साथ
ये दरिया है प्रेम का पावन
बहते बहते हर क्षण
ये सूखी बनाता है जीवन।

प्रेम का ये दरिया बहुत गहरा है
यहाँ गुरुजी का बड़ा पहरा है
पूरी निगरानी है तुम पर
छुप ना सकोगे गुम कर।

साथ साथ नज़र के
तुम पर हैं उजाले गुरुजी की नदर के
जो हैं सहारे तुम्हारे सफ़र के
क्योंकि तुम मोहताज हो गुरुजी की मेहर के।

गुरुजी तो देते हैं अपना निस्वार्थ प्यार
तुम भी उन्हें प्यार देना भूल ना जाना
याद रहे कि ये दरिया
है ये बहुत उम्दा ज़रिया
गुरुजी तक पहुँच पाने का
पूरी तरह से उनका हो जाने का।

ना शर्तों का मिश्रण
ना शिकायत भरा मन
शुक्राना का भाव
गुरु प्रेम का चाव
दिल ही दरिया
दरिया ही दिल
ऐसे प्रेम में ही
शांति सकती है मिल
इस प्रेम से
वो संतोष होगा हासिल
जो नहीं मिल सकता कहीं और
चाहे इधर उधर लो दौड़।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

दरिया (09/27/2026)

आपकी बातें ना हों जहाँ (09/26/2026)

ितंबर २६, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४२

                                 आपकी बातें ना हों जहाँ 

परम पूज्य गुरुजी महाराज,

आपकी बातें ना हों जहाँ
मन नहीं लगता वहाँ
वहाँ पर मन ही मन आपसे करती हूँ बात
क्यूँकि आप होते हैं वहाँ भी साथ
और आपकी बातें हो रही हों जहाँ
एक अलग सा ही चाव होता है वहाँ…
आपकी बातें सुनकर और कहकर
आपके गुणगान के वातावरण में रहकर
मन आपके स्तवन के गीत गाता है
मालूम ही नहीं चलता समय कब बीत जाता है।

आपसे हो गया है इतना प्यार
कि लफ़्ज़ों में ना हो पाये बयान
दिल की धड़कन पर है आपका राज
आप हैं प्राणों के रक्षक, गुरु मेहरबान।

जो जो सिखाया आपने
जो जो दिखाया आपने
वो सब ना पहले कभी था सीखा या देखा
आपकी शरण में आकर जाना
कि आप तो बदल सकते हैं हाथ की भी रेखा।

अभी भी हूँ मैं तो बहुत अनजान
अभी भी हूँ मैं बहुत नादान
अक्सर हो जाती हूँ परेशान
लेकिन फिर चेहरे पर लाता है मुस्कान
आपका सत्संग और आपका गुणगान
जिसमें सदा होता है आपकी लीला का बखान।

फिर से मुझे आ जाता है याद
कि मेरे साथ हैं आप और आपका आशीर्वाद
और मैं हूँ इतनी भाग्यवान
कि मेरे अंग संग हैं आप करुणानिधान।

आपका गुणगान होता रहे पूरे संसार में
सभी भीगें आपके आशीष की बारिश की बौछार में
सभी डूबते रहें आपके पावन प्यार में
सभी खो जायें आपके नाम के ख़ुमार में।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरूजी 🙏🙏
धीरजा

आपकी बातें ना हों जहाँ (09/26/2026)

सदा रखना मुझे अपने पास (09/25/2026)

ितंबर २५, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४१

                                सदा रखना मुझे अपने पास 

मेरे परम पूज्य गुरुवर,
बैठी हूँ आपके दर पर
आपकी कृपा बिन ये ना था मुमकिन
चाहूँ भी तो मैं आपकी रहमतें नहीं सकती गिन।

आपके जैसे आपकी रहमतें भी हैं अनंत
आपसे अलग रहकर दुखों का ना होगा अंत
मेरी इस मल रूपी देह के भीतर है जो आत्मा
वो आपका अंश है, उसे अपना लीजिये, मेरे परमात्मा
मुझे इसके लिए तैयार कीजिए
मुझे वो विवेक दीजिये
जिसके द्वारा मैं आती जाऊँ आपके करीब
ताकि निखर जाये मेरी आत्मा का नसीब
वरना आपके दर पर आकर भी आपसे रह ना जाऊँ जुदा
ऐसा ना होने दीजियेगा, मेरे खुदा।

मछली बिन जल के जाती है मर
मैं आपके सानिध्य में ही सकती हूँ तर
वरना डूबती जाऊँगी
साँस भी ना ले पाऊँगी।

आपसे ही श्वास
आपसे हैं आस
आपसे अरदास
कि सदा रखना मुझे अपने पास।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

सदा रखना मुझे अपने पास (09/25/2026)

…और चाहिए भी क्या (09/24/2026)

ितंबर २४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४०

                             …और चाहिए भी क्या 

गुरुजी ने बुलाया मुझे अपने दर पर
उनकी कृपा से ऐसे प्रेम की ज्योत जली मेरे भीतर
कि जीवन हुआ उज्जवल
उज्जवल हुआ हर पल
साफ़ आने लगीं नज़र
अपनी ख़ामियाँ
जो छुपी थी भीतर के अँधेरे में…
मिट गए कई भ्रम
भीतर के नए सवेरे में
इस जागरूकता के लिए गुरुजी का शुक्राना
जिनकी कृपा बिन मन था कितनी सच्चाइयों से अनजाना।

हर पल उनसे जुड़े रहने का रहता है प्रयास
उनका मार्गदर्शन है खूबसूरत और खास
और विशेष है उनका बख़्शा मनोबल
जिससे इतनी दुविधाएं जाती हैं टल…

शुक्र है उन्होंने है अपनाया
वरना यहाँ तो हर कोई है पराया
ये सोचना कि कोई हमारा या हम किसी के अपने हैं
ये सब कुछ ही पल के सपने हैं…

क्योंकि कोई दुनियावी रिश्ता हो ही नहीं सकता सनातन
सिवा आत्मीय परिवार के
जिसके सबसे ज्येष्ठ और मुख्य सदस्य हैं गुरुजी स्वयं
उनके बिन किसी का अस्तित्व नहीं
उनके आशीष से होते हैं सबके कारज सही।

प्रेम की ज्योत से उज्ज्वल हुआ जीवन का हर पल
गुरुजी के चरणों में कर पाऊँ समर्पण
ऐसा बन जाये जो मेरा मन
तो गुरुजी होंगे इतने प्रसन्न
गुरु की प्रसन्नता के सिवा
वास्तव में और चाहिए ही क्या?

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

…और चाहिए भी क्या (09/24/2026)

चलते चलो, बढ़ते चलो (09/23/2026)

सितंबर २३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१३९

                               चलते चलो, बढ़ते चलो 

चलते चलो
बढ़ते चलो
ये है रास्ता रूहानियत का
इबादत का, इंसानियत का…
आयेंगे तूफ़ान
आयेंगे इम्तहान
उनके सामने रुकना नहीं
उनके समक्ष झुकना नहीं।

गुरुजी का नाम थामना
करना तूफ़ानों का सामना
इम्तहान का हो जो भी परिणाम
कर गुरुजी के चरणों में प्रणाम
करना उनका शुक्राना
भूल ना जाना
उनकी कृपा से मिल रहा है तुम्हें मौक़ा तरने का
ये हिम्मत से काम लेने का समय है ना कि समय डरने का!

गुरुजी अंग संग हैं ये बात है सबसे बड़ी
इसलिए मुश्किल नहीं रह सकती खड़ी
उसे होगा ही जाना
ना चलेगा उसका कोई भी बहाना
गुरुजी का शुक्राना करते जाओ
उनकी याद में आगे बढ़ते जाओ।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

चलते चलो, बढ़ते चलो (09/23/2026)

मेरी ख़ामियों पर… (09/22/2026)

ितंबर २२, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१३८

                              मेरी ख़ामियों पर…

परम पूज्य गुरुजी महाराज,

मेरी ख़ामियों पर चित्त ना धरिये
जो मेरे लिए अच्छा हो आप वो ही कीजिए
बीते कल के चिंतन में
वर्तमान को ना गँवाऊँ
आपका चिंतन करती चलूँ
और आगे बढ़ती जाऊँ।

तब ही भविष्य होगा उज्जवल
जब आज की भक्ति से उपजेगा आने वाला कल
बख्शिये मुझे विवेक और मनोबल
ताकि मेरा प्रयास हो सफल।

क्यूँकि मेरी औक़ात नहीं ऐसी
कि सफल हो पाऊँ आपके दिए किसी भी इम्तहान में
हर कमी है मुझ में
और हर वड्डीयायी आप करुणानिधान में।

ना तन अपना ना मन अपना
ना ही हैं अपने ये प्राण
जब आपकी मर्ज़ी होगी
निकल जाएगी तन से जान।

जीते जी जो चल पड़ूँ मैं
आपके नक़्शे कदम पर
तो जीवन सफल होगा मेरा
मेरे परम पूज्य गुरुवर।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

मेरी ख़ामियों पर… (09/22/2026)

ज़रूर हो सकता है कल्याण भी पूरा (09/21/2026)

ितंबर २१, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१३७

                                                          ज़रूर हो सकता है कल्याण भी पूरा 

दवा छूटे तो रोग हो जाता है प्रबल
रोग के कारण इंसान हो जाता है निर्बल
गुरुजी के नाम और जप में है वह औषधि
जिससे मन और रूह को मिले गति और मति
वरना ना बढ़ेगा मनोबल, और विकारों का रोग सताता रहेगा
पाप नष्ट ना होंगे, क्लेश कोलाहल मचाता रहेगा।

गुरुजी के सत्संग और सिमरन से
बुद्धि होने लगती है पवित्र
लंगर प्रसाद और चाय प्रसाद औषधि रूप हैं
गुरुजी की लीला है ऐसी विचित्र।

इस औषधि को ग्रहण किया जाये जितनी श्रद्धा से
होता है उसका उतना ही प्रभाव
इस औषधि का कण कण अमृत रूपी है
चाहिए तो लेने वाले के भीतर श्रद्धा का भाव।

वैराग्य भोग से
छुटकारा रोग से
या कम से कम रोग की पीड़ा से
यकीनन मुमकिन है गुरुजी की लीला से।

इतना कुछ करते हैं हम अपने सुख के लिए
गुरुजी के आशीष बिन सब है अधूरा
पूरण गुरु हैं गुरुजी, उनके मार्गदर्शन पर चलें
तो ज़रूर हो सकता है कल्याण भी पूरा।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

ज़रूर हो सकता है कल्याण भी पूरा (09/21/2026)