उनपर ही जाऊँ वारी (09/07/2026)

ितंबर ७, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१२३

                                  उनपर ही जाऊँ वारी

गुरुजी पर मैं वारी जाऊँ
उनकी याद में जीती जाऊँ
उनकी दीवानगी में खोती जाऊँ
उन्ही की मैं होती जाऊँ।

गुरुजी ने समझा दिया
कि बाक़ी हर कोई है पराया
हालात बिगड़ने पर
कोई काम ना आया
बेशक क़ायम है दोनों तरफ़ा प्यार
किंतु कर्मों का भार कर देता है यूँ लाचार
कि कुछ जन चाह कर भी मदद ना कर पाते हैं
और कुछ बुरे समय में ना जाने कहाँ चले जाते हैं।

किंतु गुरुजी महाराज सदा रहते हैं साथ
बेशक जैसे भी हों हालात
जब से उन्होंने थामा है मेरा हाथ
तब से उनका सानिध्य मिला है दिन रात।

इस रिश्ते में वह स्थायित्व और ठहराव है
जो और किसी रिश्ते में नहीं मुमकिन
मेरा तो अस्तित्व ही नहीं
मेरे प्यारे गुरुवर के बिन।

रंगती रहूँ उनकी रंगत में
शामिल रहूँ उनकी संगत में
बनकर दयालु गुरुजी की दुलारी
मैं सदा उनपर ही जाऊँ वारी।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

उनपर ही जाऊँ वारी (09/07/2026)

मेरे परम पिता पूरण गुरु (09/06/2026)

सितंबर ६, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१२२

                                  मेरे परम पिता पूरण गुरु 

ना जागी थी ना सोयी
गुरुजी के ख़यालों में थी खोयी
गुरुजी से हो रही थी बात
ना जानूँ दिन था या थी रात
है याद कि मैं थी गुरुजी के साथ
मेरे सिर पर था उनका हाथ
इस रूहानी अनुभव में आनंद आ रहा था
दिल इतना सुकून पा रहा था
मन गुरुजी का गुणगान गा रहा था
और साथ ही मुस्कुरा रहा था।

गुरुजी की रूहानी खुशबू के सिंधु में
डूब कर तर रहा था मेरा हर श्वास
गुरुजी की दृष्टि थी मुझ नाचीज़ पर
ये एहसास था इतना अनमोल और खास।

गुरुजी के दिव्य नूर के तेज से
रोशन हो रहा था वह स्थान
गुरुजी ने मुझे अपने चरण का स्पर्श करने दिया
ये भी था उनकी दया का दान।

गुरुजी की मेहर से चरणोदक जो मिला
मेरा चेहरा और मेरा हृदय खिला
गुरुजी भी इतने प्रेम से मुस्कुराए
कि मेरे नेत्रों में दीन भाव के अश्रु आए।

तभी मेरे अंतस की आँखों के समक्ष
अलौकिक उजाला दिखा प्रत्यक्ष
और मैंने स्वयं को बैठक में पाया
जहाँ पर गुरुजी में ध्यान था लगाया।

गुरुजी का शुक्राना कर के
मैं उठी करने दिनचर्या शुरू
सदाशिव के स्वरूप हैं
मेरे परम पिता पूरण गुरु।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

मेरे परम पिता पूरण गुरु (09/06/2026)

बौछार (09/05/2026)

ितंबर ५, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१२१

                                   बौछार 

तुम में शिवत्व है
तुम हो सम्पूर्ण स्वयं
तुम्हारे भीतर वास करते हैं भगवन
ये हकीकत है, ये नहीं है भ्रम।

तुम परिपूर्ण हो
संतोष और सुख से
इसे दूषित ना होने दो
दुनियावी दुख से।

गुरुजी की याद में रहोगे जितना
ये दुख कम सतायेगा
वक़्त का दरिया बहते बहते
उसे अपने संग बहा ले जाएगा।

दुनिया में हो जब तक
दुनियावी दुख सुख आयेंगे तब तक
इन्हें भीतर ना करने देना वास
वहाँ है तुम्हारे आराध्य देव का निवास।

उन्हें सर्वसमर्पण करने के सिवा
नहीं है तुम्हारे पास कोई और विकल्प
जब तक सर्वसमर्पण ना होगा
तब तक व्यर्थ है बाक़ी हर संकल्प।

गुरुजी से जोड़े रखो सीधी रूहानी तार
अपने भीतर ना समाओ दुनियावी संसार
वो तो क्षणभंगुर है, पर गुरुजी हैं शाश्वत
वे ही बख्शेंगे तुम्हे मत और पत
उनके पास है बख़्शीशों का अनंत भंडार
सही समय पर तुम पर भी होगी इनकी बौछार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

बौछार (09/05/2026)

प्रार्थना (09/04/2026)

ितंबर ४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१२०

                                                     प्रार्थना

अपने दिल की बात गुरुजी को सुनाओ
गुरुजी के समक्ष उनके गुण तुम गाओ
गुरुजी ने थामा तुम्हें और आगे भी है थामना
तुम करते रहो उनसे प्रार्थना।

प्रार्थना है वह छाता
जो सुरक्षित रखे भक्त और गुरु का नाता
प्रार्थना है वह आवरण
जिसमें शांत रहे मन
बेशक बाहर कुछ भी हो रहा हो
आवरण ना हो तो मन तो जाये खो।

प्रार्थना है वह सागर
जिसकी लहरें करती हैं गुरुजी से बात
प्रार्थना से ही शुरू हो हर दिन
प्रार्थना से ही खत्म हो हर रात
और बीच बीच में भी प्रार्थना
साथ में शुक्राना की भावना
हर पल, हर घड़ी
बेशक सामने मुश्किल भी हो खड़ी।

प्रार्थना है वह रास्ता
जिससे क़ायम रहे गुरुजी से वास्ता
प्रार्थना से तन, मन, आत्मा हों प्रभावित
प्रार्थना से गुरुजी को चेते जिसका चित्त
उसे मिले सहनशीलता और शक्ति
जो है माड़े समय को झेलने की युक्ति।

प्रार्थना में जो हो निर्मल नींवां भाव
प्रार्थना में जो हो चाव और लगाव
तो गुरुजी संग जुड़ा रहे भक्त
चाहे हो उसका अच्छा या बुरा वक़्त
शुक्राना और अरदास
करें प्रार्थना में वास
साथ में जो हो गुरुजी को पाने की आस
तो प्रार्थना हो जाये और भी खास।

गुरुजी सुनते हैं प्रार्थना
वे जानते हैं भक्तों की भावना
वे जानते हैं भक्तों की कामना
करते रहना तुम उनसे प्रार्थना।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

प्रार्थना (09/04/2026)

कृपासिंधु

सितंबर ३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३११९

                            कृपासिंधु 

कृपासिंधु हैं सतगुरु सुंदर
बसे हुए तुम्हारे भीतर
सो कर मिलन के लम्हे व्यर्थ ना गँवाओ
गुरुजी के संग वक़्त बिताओ
अब तो जाओ जाग
निद्रा को दो त्याग
तुम्हारा शरीर जड़ है पर आत्मा है चेतन
क्यों भूल जाता है ये तुम्हारा मन?

गुरुजी के नाम में है कृपा प्रसाद
इसके समक्ष फीका है हर संसारी स्वाद
सेवा, सिमरन, सत्संग से मिलती है शक्ति
निखरती जाती है भक्ति
बढ़ने लगता है समर्पण का भी भाव
और गुरूजी की याद में रहने का चाव
इसी में है सुख और संतोष असल
इसलिए कर लो जीवन सफल।

करते रहो हर फ़र्ज़ अदा
पर गुरुजी से तार जुड़ी रहे सदा
ये है बहुत ज़रूरी
ताकि बढ़ ना जाए उनसे दूरी।

कृपा सिंधु के आँचल में समा जाना
वही तो है रूह का अंतिम आशियाना
बाक़ी हर दर, हर घर में तुम हो मेहमान
इस सत्य से ना बनो अनजान।

तुमने गुरुजी की छवि मन में है बसायी
ये भी है स्वयं गुरुजी की ही वड्डीयाई
असीम है उन कृपासिंधु की गहराई
जिनमें कृपा की अनगिनत बूँदें हैं समायी।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

कृपासिंधु (09/03/2026)

करते रहिए रहम (09/02/2026)

ितंबर २, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३११८

                        करते रहिए रहम 

परम पूज्य गुरुवार,

करते रहिए रहम
लगाते रहिए मरहम
अपने नाम की
ताकि भरते रहें ज़ख़म।

क्यूँकि जब तक है ये तन
जब तक है ये जीवन
होते रहेंगे ज़ख़्म
बनते रहेंगे कर्म।

मेहर कीजिए दाता
कि आपको सर्वसमर्पण कर सकूँ
भाव बख्शिये दाता
कि आपका शुक्राना करती हुई ना थकूँ
क्योंकि जो आपने ना लिया होता अपनी शरण में
जो आप साथ ना होते जन्म मरण में
तो लाचारी की सीमा ना होती
किसके चरणों में हँसती और रोती?

आपके चरणों में सुकून भी है और आराम भी
लेकिन आपके ही चरणों में हैं इम्तहान भी
आपकी यह अद्भुत लीला कल्याण की
सिर आँखों पर इस नादान की
जैसे आपका हुकुम
जो मानती रहूँ हर दम
आपके ही आशीर्वाद से
सदा श्रद्धा के जज़्बात से।

आपके दिए श्वास से है ये जीवन
आपके नाम से उपवन है ये मन
आपकी कृपा से मिटे हर भ्रम
आपको है शत शत नमन।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

करते रहिए रहम (09/02/2026)

है मेरा प्राण आधारा (09/01/2026)

ितंबर १, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३११७

                               है मेरा प्राण आधारा 

है मेरा प्राण आधारा
मेरा सतगुरु प्यारा

सतगुरु के बिना जी ना पाऊँ मैं
वे हैं अंग संग जहाँ भी जाऊँ मैं
वे हैं सदा सहारा
मेरा सतगुरु प्यारा।

मेरा तो मन हर पल
गुरुजी में मगन रहे
उन्ही की कृपा से ही
उनमें लगन रहे
दया से भरा है उनका द्वारा
मेरा सतगुरु प्यारा।

दुनिया से बेपरवाह हूँ
गुरुजी की चाह है ऐसी
उन तक मैं पहुँच पाऊँ
हो मेरी राहें ऐसी
उनके बिन जीना नहीं गवारा
मेरा सतगुरु प्यारा।

ख़ुशबू जो आए उनकी
मैं मुस्कुराती हूँ
गुरुजी आए मेरे
मैं समझ जाती हूँ
ख़ुशबू से घर भर जाये सारा
मेरा सतगुरु प्यारा।

उन्ही के प्यार में अब
बाँवरी रहती हूँ
जो भी दिल में होता है
उन्ही से कहती हूँ
आते हैं जब भी मैंने पुकारा
मेरा सतगुरु प्यारा।

है मेरा प्राण आधारा
मेरा सतगुरु प्यारा।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

है मेरा प्राण आधारा (09/01/2026)

…हालात से उदास (08/31/2026)

अगस्त ३१, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३११६

                              …हालात से उदास 

बेशक तुम हो हालात से उदास
या हो गम की निशा से निराश
कभी ना होना गुरुजी से नाराज़
बस, करते रहना उनसे अरदास
कि वे देते रहें बख्शीश
कि वे देते रहें आशीष।

ना भूलो करना गुरुजी को याद
इस याद में है आशीर्वाद
करते रहो गुरुजी की इबादत
इस से ज़रूर मिलेगी हिम्मत
परिस्थितियों का सामना करने की
सकारात्मक सोच से मन को भरने की
बेशक काम ना आए ये संसार
गुरुजी संभाल रहे हैं तुम्हारे कर्मों का भार
और तुम्हारे प्रारब्ध को काटने में कर रहे हैं तुम्हारी मदद
एक वे ही हैं, जो साथ रहेंगे सतत।

हो सकती थी इस से भी ज़्यादा मुश्किल
इसलिए गुरुजी का शुक्राना करते चलो
दुनिया में तुमसे ज़्यादा तकलीफ़ में भी हैं लोग
इसलिए शुक्राना के साँचे में ऐसे ढलो
कि शुक्राना हो तुम्हारे हर श्वास में
अटलता रहे तुम्हारे विश्वास में
मुख पर हो मुस्कान
तुम्हारे अंग संग हैं भगवान
गुरुजी के स्वरूप में
अपने रूहानी रूप में
देते हुए तुम्हे अनुभव अपनी मौजूदगी के
सम्पूर्ण रक्षक तुम्हारी ज़िंदगी के।

रुकता नहीं समय
इसमें नहीं संशय
ये दौर भी जाएगा गुज़र
रखो थोड़ा और सबर
और कोई चारा भी नहीं
ये बात है बिल्कुल सही
ये इम्तहान है बड़ा
पर गुरु संग है खड़ा
उन्ही को करो नमन
कल्याणकारी है उनकी शरण।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

…हालात से उदास (08/31/2026)

जीते जी बेड़ा पार (08/30/2026)

अगस्त ३०, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३११५

                       जीते जी बेड़ा पार 

ये जो है संसार
ईश्वर हैं इसका आधार
चराचर संसार ईश्वर में हुआ प्रकट
उन्ही में है और रहेगा इसका वास
और उन्ही में हो जाएगा इसका लय
इसमें नहीं कोई संशय।

गुरुजी महाराज हैं ईश्वर का रूप स्वयं
उनके समक्ष सिर झुकाते हैं स्वयं यम
उन्ही की याद में गुज़र जाये जीवन
ऐसे जी लें कि गुरुजी हों हम से प्रसन्न।

गुरुजी तो कहते हैं “बंदा बन”
और उसके लिए साफ़ करना होगा मन
जीवन में लाना होगा अनुशासन
गुरुजी को सर्वस्व मानकर जीना होगा जीवन।

ना धन, ना शास्त्रों का ज्ञान
ना कर्मकांड आयें काम
अगर गुरुजी के लिए प्रेम भाव नहीं
अगर उनमें बसे ईश्वर की भक्ति का चाव नहीं।

हम हैं तुच्छ
गुरुजी हैं सब कुछ
इस हकीकत को कर लें स्वीकार
तो दूर नहीं उद्धार
क्यूँकि गुरुजी के दिखाये रास्ते पर चलना हो जाएगा पहले से आसान
और अपनी मदद करेंगे तो हमारी मदद क्यों नहीं करेंगे भगवान?

गुरुजी तो आए ही करने कल्याण
वे तो हैं ही करुणानिधान
जितनी जल्दी हम उनकी हर आज्ञा जायेंगे मान
हमारे जीवन की कहानी भरेगी ऐसी उड़ान
कि सौंप कर गुरुजी को सारा भार
जीते जी होने लगेगा बेड़ा पार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

जीते जी बेड़ा पार (08/30/2026)

ज़िन्दगी और मौत के बीच का फ़ासला (08/29/2026)

अगस्त २९, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३११४

                                 ज़िन्दगी और मौत के बीच का फ़ासला 

ज़िंदगी और मौत के बीच का फ़ासला
एक पल से भी छोटा है, ये तथ्य है
दरअसल ज़िंदगी और मौत खड़े हैं साथ साथ
इसमें भी पूर्ण सत्य है
लेकिन हम इंसान
निमाने और नादान
ये जानते हुए भी
इस बात से स्वयं को कर लेते हैं अनजान
भूल जाते हैं अपनी ज़िंदगी जीते हुए
कि हम यहाँ हैं सिर्फ़ इस पल के मेहमान।

ये जो स्वयं को कराते रहें याद
तो शायद सुधरने की बढ़ेगी इच्छा
और जो सुधरने का प्रयास करेंगे
तो होगा हमारे लिए ही अच्छा।

गुरुजी महाराज के मार्गदर्शन पर जो चलें
तो सुधार के सफ़र की बाधाएँ टलें
ये बिल्कुल मुमकिन और स्वाभाविक है
क्यूँकि गुरु सदा से संगत का शुभचिंतक है।

और तो और, गुरुजी के सानिध्य में
भय और संशय मिट जाते हैं
और जब भी कोई दुविधा हो
भक्त गुरुजी को अंग संग पाते हैं।

गुरुजी कभी नहीं छोड़ते भक्तों का साथ
हम भूल जाते हैं, ये है अलग बात
मौत का सामना करने की भी शक्ति
गुरुजी की कृपा से है मिलती।

और तैयारी आगे के सफ़र की
ये भी मोहताज है गुरु कृपा के असर की
गुरुजी को भक्त का सदैव रहता है ख़याल
उनके पास सभी जवाब हैं, हमारे पास सिर्फ़ सवाल।

ऐसे सर्वव्यापी सर्वज्ञानी गुरुजी का साथ जो मिल जाता है
तो कल्याण का द्वार खुल जाता है
कल्याण के उस द्वार का करना होगा पूर्ण सत्कार
अनगिनत जन करते हैं इस द्वार तक पहुँचने का इंतज़ार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

ज़िन्दगी और मौत के बीच का फ़ासला (08/29/2026)